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सूरत-ए-हाल: दो साल से पांच हजार हैंडपंप खराब, पानी को तरसे लोग, इन क्षेत्रों में ज्यादा किल्लत

Thu, 08 Jul 2021 04:51 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 08 Jul 2021 04:51 PM IST
सार

पानी की समस्या को लेकर लोग परेशान हैं। यहां करीब दो साल से पांच हजार हैंडपंप खराब पड़े हैं। 

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Five thousand hand pumps have damaged in Meerut and people are troubled by the problem of water
खराब पड़ा हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भीषण गर्मी में नगर निगम शहर के लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। शहर में लगभग 12 हजार हैंडपंप हैं, जिनमें से लगभग पांच हजार दो साल से खराब पड़े हैं। बावजूद इसके नगर निगम कभी मैकेनिक न मिलने तो कभी ठेका न छूटने का तर्क दे रहा है। हैंडपंप ठीक कराने के लिए भीषण गर्मी में पार्षद और शहर की जनता निगम के चक्कर लगा रही है।

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हालात यह हैं कि खराब हैंडपंप ठीक करने के लिए चार माह पहले छोड़े गए ठेके पर काम ही पूरा नहीं हुआ है। बताया गया कि सस्ती दरों पर काम करने का ठेका लेने के कारण ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। यही नहीं, निगम हैंडपंप रिबोर का ठेका अभी तक नहीं छोड़ पाया है। 
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इन क्षेत्रों में किल्लत ज्यादा
केस एक

वार्ड 20 में कसेरू खेड़ा की सैनिक कॉलोनी। 11 नंबर गली, ऊंचा मोहल्ला सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों को काफी दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। पार्षद विजय सोनकर कहते हैं कि अवगत कराने के बाद भी अधिकारी उदासीन हैं। 
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केस दो
वार्ड 23 में  कंकरखेड़ा की बादाम मंडी, जवाहरपुरी और वाल्मीकि मंदिर के पीछे वाले इलाकों में सरकारी हैंडपंपों का पानी खराब है। पार्षद राजेश खन्ना कहते हैं कि वार्ड में लगे 50 प्रतिशत हैंडपंप अरसे से खराब पड़े हैं। 

केस तीन
वार्ड 22 में  गोलाबड़ में छह माह से ट्यूबवेल खराब है। 50 प्रतिशत आबादी को पानी नहीं मिल रहा है। समाजसेवी भरत सिंह का कहना है कि निगम अधिकारी डूडा की ट्यूबवेल बताकर टरका देते हैं। हैंडपंप भी खराब पड़े हैं।

केस चार
वार्ड 51 में चंद्रलोक कॉलोनी में पानी तो आता है लेकिन पीने योग्य नहीं है। मजबूरी में सबमर्सिबल का सहारा लेना पड़ रहा है। वार्ड की पार्षद दीपिका गुप्ता का कहना है कि नगरायुक्त से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 

केस पांच 
सद्दीकनगर, रसीद नगर, खत्ता रोड, तारापुरी में लगे 60 प्रतिशत हैंडपंप और सबमर्सिबल खराब हैं। पूर्व पार्षद शाहिद अब्बासी का कहना है कि भूगर्भ जल स्तर गिरकर 220 फीट पहुंच गया है, जबकि हैंडपंप और पुराने सबमर्सिबल 120 से 150 फीट पर लगे हैं। 

ये हैं जल संसाधन
हैंडपंप: 12 हजार 
ट्यूबवेल: 158
10 एचपी सबमर्सिबल: 575
वन एचपी सबमर्सिबल: 3000

महाप्रबंधक जलकल से बात करेंगे
हैंडपंप, सबमर्सिबल और ट्यूबवेल से जलापूर्ति की समस्या है। पार्षदों ने शिकायत की है। एक ठेकेदार ने हैंडपंप रिपेयर का ठेका लिया है लेकिन ठीक से काम नहीं कर रहा है। दोबारा टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। इस संबंध में महाप्रबंधक जलकल से भी बात की जाएगी। - ब्रजपाल सिंह, सहायक नगरायुक्त

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