फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   five incident of west up when badmash relieved criminals from police custody

पश्चिमी यूपी की चार बड़ी वारदातें, जब दिनदहाड़े पुलिस कस्टडी से बदमाशों ने छुड़ाए शातिर अपराधी

Wed, 03 Jul 2019 04:34 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 03 Jul 2019 04:34 PM IST
विज्ञापन
five incident of west up when badmash relieved criminals from police custody
पुलिस - फोटो : अमर उजाला

यूपी के मुजफ्फरनगर में मंगलवार को बदमाशों ने पुलिस की आंखों में मिर्ची झोंककर और दरोगा को गोली मारकर कुख्यात सुपारी किलर रोहित उर्फं सांडू को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया। ऐसा पहली बार नहीं है कि बदमाशों ने पुलिस हिरासत से अपने साथियों को छुड़ाया हो इससे पहले भी कई बड़ी वारदातें हो चुकी हैं 

विज्ञापन


मुजफ्फरनगर जिले के छपार में हुए खाद्य व्यापारी भाइयों की हत्या में बंद रोबिन त्यागी पर वर्ष 2014 को नेशनल हाईवे पर धौला पुल पर विरोधी बदमाशों ने हमला किया था। बुलंदशहर पुलिस उसे यहां कोर्ट में पेश करके वापस बुलंदशहर ले जा रही थी। रास्ते में वहलना चौक से दो कांस्टेबल भी पुलिस की गाड़ी में सवार हो गए, जो कि अवकाश लेकर बुलंदशहर जा रहे थे।
विज्ञापन

 
मंसूरपुर क्षेत्र में दिल्ली-दून हाईवे पर पीछे से लगे कार सवार बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी पर अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग की थी, जिसमें शामली और यहां शहर कोतवाली में तैनात दो कांस्टेबलों की मौत हो गई थी। एक उप निरीक्षक घायल हो गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

वर्ष 2016 में मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र में बिरालसी भट्ठे पर पिकेट ड्यूटी दे रहे एक सिपाही और एक होमगार्ड को गोली मार कर घायल कर बदमाशों ने उनकी एसएलआर लूट ली थी। वारदात को तब राहुल खट्टा गैंग ने अंजाम दिया था। कोर्ट में पेशी के बाद बदमाशों को पुलिस कड़ी सुरक्षा में नहीं लेकर जाती। 

मुजफ्फरनगर में ही वर्ष 2015 में शातिर आसिफ जायदा को कोर्ट में पेश कर पुलिस वापस ले जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर बैठी थी, तभी विरोधी बदमाशों ने उसकी गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी, इस वारदात में एक सिपाही भी जख्मी हुआ था। 

five incident of west up when badmash relieved criminals from police custody
बदन सिंह बद्दो - फोटो : अमर उजाला

बदन सिंह 'बद्दो'
बद्दो को साल 2017 में रविंद्र गुर्जर की हत्या में उम्रकैद की सजा गाजियाबाद कोर्ट ने सुनाई थी। तभी से बदन सिंह उर्फ बद्दो जेल में बंद था।  मेरठ के बसपा नेता और जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की हत्या में भी बद्दो पर सुनवाई होनी थी। उसे फर्रुखाबाद जेल से मेरठ पेशी पर लेकर आना था। 28 मार्च को बद्दो की गाजियाबाद कोर्ट में पेशी थी। फतेहगढ़ थाने की पुलिस  बद्दो को लेकर गाजियाबाद पहुंचे थी। 

सुबह 10 बजे पेशी कराकर पुलिस बद्दो को मेरठ में दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल होटल लेकर पहुंची। मुकुट महल होटल में बद्दो ने पहले से ही पुलिसकर्मियों के लिए मौजमस्ती, शराब पार्टी और अय्याशी का इंतजाम कराया था। इस दौरान शराब में नशे की गोलियां मिलवा दी गईं। पुलिसकर्मी जब नशे में धुत हो गए तो बद्दो अपने साथियों के साथ आसानी से फरार हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed