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Meerut News: पहले किडनी देकर बचाई पति की जान, अब निर्जला व्रत रख की दीर्घायु की कामना
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करवा चौथ का असली मतलब पुष्पा ने किडनी देकर बताई इस खबर के साथ राजेश कुमार शर्मा और पुष्पा शर्मा
मेरठ। करवाचौथ पर महिलाएं अपनी पत्नी की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं, बुलंदशहर की पुष्पा ने अपने पति राजेश कुमार शर्मा (49) को नई जिंदगी देकर मिसाल पेश की है। राजेश कुमार शर्मा को करवाचौथ से पहले उनकी पत्नी पुष्पा ने अपनी किडनी दी। अब पुष्पा ने शुक्रवार को करवाचौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा है। बुलंदशहर निवासी दंपती ने मेरठ के अस्पताल में न्यूटिमा में किडनी प्रत्यारोपण कराया है।
मूलरूप से बुलंदशहर के पोंडली गांव निवासी राजेश कुमार शर्मा का बुलंदशहर के आवास विकास-2 में भी मकान है। राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें पिछले वर्ष नवंबर माह में तेज दर्द हुआ था। परीक्षण कराने पर पता चला कि उनकी दोनों किडनियां खराब हैं। चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें किडनी का प्रत्यारोपण कराना पड़ेगा। इसके बाद से वह और उनका पूरा परिवार परेशान हो गया। परिजन ने मेरठ से गाजियाबाद तक किडनी के लिए डोनर की तलाश की लेकिन कोई नहीं मिला। उनकी पत्नी ने ही अपनी राजेश कुमार शर्मा को अपनी किडनी देने का फैसला किया। इसके बाद न्यूटिमा अस्पताल के चिकित्सकों ने परीक्षण आदि करने के बाद 24 सितंबर को किडनी प्रत्योपरण किया। अब दंपती स्वस्थ हैं। किडनी प्रत्यारोपण करने वाली टीम में डॉ. संदीप गर्ग नेफ्रोलॉजिस्ट, डॉ. सलीन शर्मा यूरोलॉजिस्ट, डॉ. सरीन चंद्र गर्ग यूरोलॉजिस्ट, निश्चेतक डॉक्टर अवनीत राणा शामिल रहे।
राजेश के इन्कार पर जिद पर अड़ीं पुष्पा
राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि वह किसान हैं। खेती कर जीवन यापन करते हैं। उनके विवाह को 23 वर्ष हो चुके हैं। उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा विराज डीफार्मा, दूसरा बेटा शियांशु 12 वीं और और तीसरा बेटा देव आठवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। जब पुष्पा ने राजेश से किडनी देने के लिए कहा तो उन्होंने इसके लिए मना किया। उन्होंने कहा कि वह डायलिसिस कराकर काम चला लेंगे लेकिन उनकी पत्नी जिद पर अड़ गईं।
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रिश्तेदारों से रुपये लेने पड़े
राजेश ने बताया कि किडनी प्रत्यारोपण में लगभग 13 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उनकी पत्नी का ब्लड ग्रुप अलग था। इसके चलते उन्हें अतिरिक्त रुपया खर्च करना पड़ा। उनके रिश्तेदारों ने मदद की और इलाज के लिए रुपया दिया। हालांकि उनका कहना है कि वह जल्द से जल्द रिश्तेदारों का रुपया लौटाने का प्रयास करेंगे।
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मूलरूप से बुलंदशहर के पोंडली गांव निवासी राजेश कुमार शर्मा का बुलंदशहर के आवास विकास-2 में भी मकान है। राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें पिछले वर्ष नवंबर माह में तेज दर्द हुआ था। परीक्षण कराने पर पता चला कि उनकी दोनों किडनियां खराब हैं। चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें किडनी का प्रत्यारोपण कराना पड़ेगा। इसके बाद से वह और उनका पूरा परिवार परेशान हो गया। परिजन ने मेरठ से गाजियाबाद तक किडनी के लिए डोनर की तलाश की लेकिन कोई नहीं मिला। उनकी पत्नी ने ही अपनी राजेश कुमार शर्मा को अपनी किडनी देने का फैसला किया। इसके बाद न्यूटिमा अस्पताल के चिकित्सकों ने परीक्षण आदि करने के बाद 24 सितंबर को किडनी प्रत्योपरण किया। अब दंपती स्वस्थ हैं। किडनी प्रत्यारोपण करने वाली टीम में डॉ. संदीप गर्ग नेफ्रोलॉजिस्ट, डॉ. सलीन शर्मा यूरोलॉजिस्ट, डॉ. सरीन चंद्र गर्ग यूरोलॉजिस्ट, निश्चेतक डॉक्टर अवनीत राणा शामिल रहे।
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राजेश के इन्कार पर जिद पर अड़ीं पुष्पा
राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि वह किसान हैं। खेती कर जीवन यापन करते हैं। उनके विवाह को 23 वर्ष हो चुके हैं। उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा विराज डीफार्मा, दूसरा बेटा शियांशु 12 वीं और और तीसरा बेटा देव आठवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। जब पुष्पा ने राजेश से किडनी देने के लिए कहा तो उन्होंने इसके लिए मना किया। उन्होंने कहा कि वह डायलिसिस कराकर काम चला लेंगे लेकिन उनकी पत्नी जिद पर अड़ गईं।
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रिश्तेदारों से रुपये लेने पड़े
राजेश ने बताया कि किडनी प्रत्यारोपण में लगभग 13 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उनकी पत्नी का ब्लड ग्रुप अलग था। इसके चलते उन्हें अतिरिक्त रुपया खर्च करना पड़ा। उनके रिश्तेदारों ने मदद की और इलाज के लिए रुपया दिया। हालांकि उनका कहना है कि वह जल्द से जल्द रिश्तेदारों का रुपया लौटाने का प्रयास करेंगे।