{"_id":"6918f1f487944e467209971e","slug":"first-a-friend-betrayed-her-and-raped-her-then-the-system-caused-her-pain-meerut-news-c-14-1-mrt1004-1029262-2025-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: पहले दोस्त ने दगा देकर किया दुष्कर्म, फिर व्यवस्था ने दिया दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: पहले दोस्त ने दगा देकर किया दुष्कर्म, फिर व्यवस्था ने दिया दर्द
विज्ञापन
मेरठ। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की पीड़िता को पहले दोस्त ने दगा देकर दुष्कर्म किया। कोख में पल रहे बच्चे को जन्म देने के लिए पीड़िता को समाज और व्यवस्था का दर्द झेलना पड़ा। अब पीड़िता नौ माह की गर्भवती हो चुकी है। पीड़िता की अपील और जिलाधिकारी वीके सिंह और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा की मदद से पीड़िता को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीड़िता ने लिसाड़ीगेट थाने में अप्रैल 2025 में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप था कि एक युवक ने पहले उससे दोस्ती की। इसके बाद धीरे-धीरे उसकी नजदीक बढ़ा ली। आरोपी ने पीड़िता धोखा देकर दुष्कर्म किया और शिकायत करने पर धमकी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद भी पीड़िता की मुसीबत कम नहीं हुई। वह बच्चे को जन्म देना चाहती है। इसके चलते उसे सामाजिक मान मर्यादाओं का सामना कर परेशानियों से जूझना पड़ा। पीड़िता को कानून का हवाला देते हुए प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती करने से इन्कार कर दिया गया। इसके चलते परिजन पीड़िता को लेकर भटकने के लिए विवश हुए। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो पीड़िता को जिलाधिकारी से गुहार लगानी पड़ी। जिलाधिकारी डीएम वीके सिंह ने बताया कि पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। प्रशासन की तरफ से जो भी सहयोग होगा किया जाएगा।
अप्रैल माह में पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वह अभी भी जेल में बंद है। अब पीड़िता महिला जिला अस्तपाल में भर्ती करा दिया गया है।
विज्ञापन
डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
यदि किसी युवती से दुष्कर्म हुआ है और वह छह सप्ताह की गर्भवती हो गई है तो कोर्ट के आदेश पर ही गर्भपात किया जा सकता है। यदि पीड़िता नहीं चाहती तो गर्भपात नहीं कराया जा सकता। ऐसे में प्रशासन की मदद से ही पीड़िता का प्रसव कराया जा सकता है।
सुधीर कुमार, सेवानिवृत डिप्टी एसपी।
विज्ञापन
पीड़िता ने लिसाड़ीगेट थाने में अप्रैल 2025 में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप था कि एक युवक ने पहले उससे दोस्ती की। इसके बाद धीरे-धीरे उसकी नजदीक बढ़ा ली। आरोपी ने पीड़िता धोखा देकर दुष्कर्म किया और शिकायत करने पर धमकी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद भी पीड़िता की मुसीबत कम नहीं हुई। वह बच्चे को जन्म देना चाहती है। इसके चलते उसे सामाजिक मान मर्यादाओं का सामना कर परेशानियों से जूझना पड़ा। पीड़िता को कानून का हवाला देते हुए प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती करने से इन्कार कर दिया गया। इसके चलते परिजन पीड़िता को लेकर भटकने के लिए विवश हुए। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो पीड़िता को जिलाधिकारी से गुहार लगानी पड़ी। जिलाधिकारी डीएम वीके सिंह ने बताया कि पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। प्रशासन की तरफ से जो भी सहयोग होगा किया जाएगा।
विज्ञापन
अप्रैल माह में पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वह अभी भी जेल में बंद है। अब पीड़िता महिला जिला अस्तपाल में भर्ती करा दिया गया है।
विज्ञापन
डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
यदि किसी युवती से दुष्कर्म हुआ है और वह छह सप्ताह की गर्भवती हो गई है तो कोर्ट के आदेश पर ही गर्भपात किया जा सकता है। यदि पीड़िता नहीं चाहती तो गर्भपात नहीं कराया जा सकता। ऐसे में प्रशासन की मदद से ही पीड़िता का प्रसव कराया जा सकता है।
सुधीर कुमार, सेवानिवृत डिप्टी एसपी।