फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   fire in clothing factory in meerut

कपड़ा फैक्ट्री में भीषण आग, मशक्कत के बाद पाया गया काबू

Wed, 23 Dec 2020 12:41 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Dec 2020 12:41 AM IST
विज्ञापन
fire in clothing factory in meerut
काशी में शार्ट सर्किट से कपड़ा फैक्टरी में आग
विज्ञापन

मेरठ। काशी गांव स्थित एक कपड़ा फैक्टरी समेत दो अलग-अलग स्थानों पर मंगलवार तड़के आग लग गई। दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। वहीं, कपड़ा फैक्टरी में आग बुझाने के इंतजाम नहीं मिले। इससे एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा इंतजाम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
कोतवाली खंदक बाजार निवासी अमिताभ रस्तोगी की परतापुर के काशी गांव में स्क्रीन टेक्सटाइल नाम से कपड़ा फैक्टरी है। इसमें सुबह करीब पांच बजे आग लग गई। इसकी जानकारी पाकर एफएसओ शांतनु यादव परतापुर दमकल स्टेशन से दो और पुलिस लाइन से एक गाड़ी के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। इस दौरान फैक्टरी संचालक भी आ गए। करीब साथ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि नुकसान का आकलन नहीं किया सका है।
विज्ञापन

आग की दूसरी घटना चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के निकट बिजली ट्रांसफार्मर में हुई। इससे क्षेत्रीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, सड़क पर वाहनों की कतारें लग गईं। दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इसके बाद हालात सामान्य हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस फैक्टरी में घटना हुई उसमें आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे। दमकल की गाड़ी के पहुंचने तक आग फैल चुकी थी। दमकल विभाग फैक्टरी संचालक को नोटिस देने की तैयारी कर रहा है।

मानक के अनुरूप हों इंतजाम
फैक्टरी में प्रत्येक 30 फीट पर बड़ा फायर एक्सटिंग्यूशर जरूरी है।
फैक्टरी परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम हो, जिससे धुआं उठते ही स्मॉक डिटेक्टर चालू हो जाए। अलार्म के साथ पानी की बौछारें गिरने लगें।
फैक्टरी के बाहर फायर हाईड्रेंट हों, जिससे आग बुझाने के लिए तत्काल पानी की व्यवस्था हो सके।
परिसर में गैस सिलेंडर जलाने, खाना बनाने पर प्रतिबंध होना चाहिए।
वर्करों के लिए सेफ्टी शूज, ग्लब्स, गॉगल्स जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होनी चाहिए।
महज दो फीसदी औद्योगिक इकाइयों में ही आग बुझाने के इंतजाम होने की जानकारी मिली है। जल्द सभी को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। उचित जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।-संतोष कुमार राय, सीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed