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शासन तक पहुंचा फर्जी आइडी से मानचित्र स्वीकृत मामला, एफआईआर दर्ज
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फर्जी आइडी से मानचित्र स्वीकृत कराने के मामले में एफआईआर
मेरठ। आर्किटेक्ट की फर्जी आईडी के जरिए मेरठ विकास प्राधिकरण में पास हुए मानचित्रों का मामला शासन तक पहुंचने सेखलखली मच गई है। प्रमुख सचिव आवास ने सभी प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को तलब कर लिया है। एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। सही खुलासे और प्रकरण में शामिल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच के लिए साइबर सेल की टीम को लगाया गया है।
हाल ही में शासन की तरफ से आर्किटेक्ट द्वारा शपथ पत्र पर लिखने के बाद ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृत करने का आदेश जारी हुआ था। महज एक महीने में ही फर्जी आईडी बनाकर सैकड़ों मानचित्र स्वीकृत करा लिए गए। जब इस मामले में आर्किटेक्ट एसोसिएशन को पता चला तो उन्होंने उपाध्यक्ष से लेकर कमिश्नर से बात की। कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराने के आदेश दिए।
आर्किटेक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित अग्रवाल ने बताया कि आर्किटेक्ट की फर्जी आईडी पर नक्शे दाखिल करके स्वीकृत कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्नाव, बाराबंकी, बांदा, गोंडा आदि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई आर्किटेक्ट की आईडी के जरिए प्राधिकरण में नक्शा दाखिल कर स्वीकृत करा लिया गए। एसोसिएशन का दावा है कि 700 से अधिक ऐसे फर्जी मानचित्र स्वीकृत किए गए हैं।
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मेरठ। आर्किटेक्ट की फर्जी आईडी के जरिए मेरठ विकास प्राधिकरण में पास हुए मानचित्रों का मामला शासन तक पहुंचने सेखलखली मच गई है। प्रमुख सचिव आवास ने सभी प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को तलब कर लिया है। एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। सही खुलासे और प्रकरण में शामिल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच के लिए साइबर सेल की टीम को लगाया गया है।
हाल ही में शासन की तरफ से आर्किटेक्ट द्वारा शपथ पत्र पर लिखने के बाद ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृत करने का आदेश जारी हुआ था। महज एक महीने में ही फर्जी आईडी बनाकर सैकड़ों मानचित्र स्वीकृत करा लिए गए। जब इस मामले में आर्किटेक्ट एसोसिएशन को पता चला तो उन्होंने उपाध्यक्ष से लेकर कमिश्नर से बात की। कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराने के आदेश दिए।
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आर्किटेक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित अग्रवाल ने बताया कि आर्किटेक्ट की फर्जी आईडी पर नक्शे दाखिल करके स्वीकृत कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्नाव, बाराबंकी, बांदा, गोंडा आदि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई आर्किटेक्ट की आईडी के जरिए प्राधिकरण में नक्शा दाखिल कर स्वीकृत करा लिया गए। एसोसिएशन का दावा है कि 700 से अधिक ऐसे फर्जी मानचित्र स्वीकृत किए गए हैं।
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