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Meerut News: मोजीपुरा में बुखार का प्रकोप, इंजीनियर की मौत
Sun, 30 Aug 2026 09:13 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 30 Aug 2026 09:13 PM IST
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10 दिनों से बुखार से पीड़ित हैं कई परिवार, ग्रामीण बोले-शिविर लगाकर उपचार करे स्वास्थ्य विभाग
-सीएचसी में भी उपचार के लिए पहुंच रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। बदलते माैसम में वायरल का प्रकोप फैल रहा है। मोजीपुरा गांव में आठ दिनों से बुखार से पीड़ित प्राइवेट इंजीनियर रतन सैनी (48) की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में कैंप लगाने की मांग की है।
गांव मोजीपुरा निवासी रतन सैनी पुत्र राम सिंह सैनी प्राइवेट इंजीनियर हैं, उन्हें आठ दिन से बुखार आ रहा था। फलावदा में निजी चिकित्सकों से उनका उपचार चल रहा था। रविवार को उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर कस्बे के निजी चिकित्सकों के पास पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताते हुए मेरठ ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उन्हें फलावदा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन रतन सैनी की मौत हो गई। बाद में परिजनों ने गांव के शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
बुखार पीड़ित ग्रामीण
मोजीपुरा के ग्रामीणों का कहना है गांव में करीब दस दिनों से बुखार से काफी लोग पीडित है। भरत सिंह, उनकी पुत्री तनू, दीपा, प्रिया, रूपा पुत्री मांगेराम, विजयवती पत्नी चंद्रपाल, तरुण, वरुण पुत्र चंद्रपाल, धर्म सिंह, महावीर, राकेश और देवी पत्नी जयकरण समेत करीब 26 लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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वर्जन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि रविवार को रतन सैनी के परिजन मृत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजन पहले हार्ट अटैक की बात कह रहे थे। बाद में उन्होंने बताया कि बुखार के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी थी। डॉ. शर्मा के अनुसार, इस समय अस्पताल में वायरल और नजला-बुखार के मरीज आ रहे हैं। सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है और उन्हें दवा दी जा रही है।
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-सीएचसी में भी उपचार के लिए पहुंच रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। बदलते माैसम में वायरल का प्रकोप फैल रहा है। मोजीपुरा गांव में आठ दिनों से बुखार से पीड़ित प्राइवेट इंजीनियर रतन सैनी (48) की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में कैंप लगाने की मांग की है।
गांव मोजीपुरा निवासी रतन सैनी पुत्र राम सिंह सैनी प्राइवेट इंजीनियर हैं, उन्हें आठ दिन से बुखार आ रहा था। फलावदा में निजी चिकित्सकों से उनका उपचार चल रहा था। रविवार को उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर कस्बे के निजी चिकित्सकों के पास पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताते हुए मेरठ ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उन्हें फलावदा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन रतन सैनी की मौत हो गई। बाद में परिजनों ने गांव के शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
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बुखार पीड़ित ग्रामीण
मोजीपुरा के ग्रामीणों का कहना है गांव में करीब दस दिनों से बुखार से काफी लोग पीडित है। भरत सिंह, उनकी पुत्री तनू, दीपा, प्रिया, रूपा पुत्री मांगेराम, विजयवती पत्नी चंद्रपाल, तरुण, वरुण पुत्र चंद्रपाल, धर्म सिंह, महावीर, राकेश और देवी पत्नी जयकरण समेत करीब 26 लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि रविवार को रतन सैनी के परिजन मृत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजन पहले हार्ट अटैक की बात कह रहे थे। बाद में उन्होंने बताया कि बुखार के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी थी। डॉ. शर्मा के अनुसार, इस समय अस्पताल में वायरल और नजला-बुखार के मरीज आ रहे हैं। सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है और उन्हें दवा दी जा रही है।