बुखार का कहर: दौराला में युवती की मौत, ग्रामीणों में दहशत, डेंगू के आठ मरीज मिले
मेरठ शहर से लेकर देहात तक वायरल बुखार कहर बरपा रहा है। वायरल बुखार के कारण कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं दौराला के रुहासा गांव में एक युवती की बुखार के कारण मौत हो गई।
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मेरठ में वायरल और बुखार कहर बरपा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को दौराला के रुहासा गांव में रविवार को बुखार से काजल (18) की मौत हो गई। गांव के ही एक अपंजीकृत चिकित्सक से उसका उपचार चल रहा था।
परिजनों के मुताबिक, रविवार को अचानक युवती को उल्टियां होने लगी और उसकी मौत हो गई। वहीं जिले में डेंगू के आठ नए मरीज मिले हैं। ये मरीज भूड़भराल, जयभीमनगर, कंकरखेड़ा, मकबरा डिग्गी, मलियाना और पल्हेड़ा के रहने वाले हैं।
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जिले में अब तक डेंगू के 845 मरीज मिल चुके हैं। देहात में लोग बुखार और डेंगू से मौत का दावा कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इन्हें डेंगू से मौत होना नहीं मान रहा है।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि जिन मौतों को डेंगू से होना बताया जा रहा है, उनका ऑडिट कराया जा रहा है। लोग जागरूक रहें। एहतियात बरतें। पानी भरा न रहने दें। पूरे आस्तीन के कपड़े पहनें। पेंट पहनें। अगर कई दिन बुखार न उतरे तो चिकित्सक को दिखाएं।
चकबंदी व कपसाड़ में हो चुकी कई मौत
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गांव चकबंदी और कपसाड़ में बुखार से कई लोग जान गंवा चुके हैं। अब रुहासा में भी मौत होने लगी हैं। दोनों गांव के बुखार से पीड़ित मरीज रुहासा में ही उपचार करा रहे हैं। आरोप है कि गांव में सफाई व्यवस्था ठप है और कूड़े के ढेर लगे हैं। बुखार के प्रकोप के बावजूद गांव में फॉगिंग तक नहीं कराई गई। सरधना सीएचसी प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। गांव में कैंप लगाकर दवाई वितरित की जाएगी।