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Meerut News: आपराधिक घटनाओं के लिहाज से मुजफ्फरनगर बदतर तो सहारनपुर बेहतर

Wed, 22 May 2024 10:04 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 22 May 2024 10:04 PM IST
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-हत्या, लूट, बलवा, गृहभेदन, चोरी, अपहरण और बलात्कार के मामले बढ़े-मेरठ जोन के बाकी जिलों में अपराध की घटनाओं में दर्ज की गई गिरावट
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सैयद यासिर रज़ा
मेरठ। चुनावी साल में मेरठ जोन के मुजफ्फरनगर जिले में अपराध की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। 2024 के शुरुआती चार महीने के आंकड़ों पर गौर करें और पिछले दो साल के इसी अवधि के आंकड़ों की तुलना करें तो यहां अपराध के लगभग हर क्षेत्र में मामलों की संख्या बढ़ी है। हत्या, लूट, बलवा, गृहभेदन, चोरी, अपहरण और बलात्कार के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि मेरठ जोन के बाकी जिलों में अपराध की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है।
मेरठ जोन में कुल सात जिले आते हैं। इसमें मुजफ्फरनगर में अपराध के मामले सबसे अधिक दर्ज किए जा रहे हैं। इस साल के पहले चार महीने जनवरी से अप्रैल के यहां के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 2023 में इस अवधि में लूट की कुल दो घटनाएं हुईं थीं। इस साल यह घटना बढ़कर 11 हो गई है। चार महीने में हत्या के 10 मामले 2023 में दर्ज किए गए थे जबकि 2024 में 12 हत्या की घटना मुजफ्फरनगर में हो चुकी है। बलवा की घटनाएं भी 2023 के मुकाबले 9 से बढ़कर 13 हो गई हैं। गृहभेदन की घटनाएं भी पिछले साल की तुलना में 12 से बढ़ कर 19 हो गईं हैं। बात चोरी की घटनाओं की करें तो यहां भी 95 के मुकाबले 107 घटनाएं दर्ज की गई हैं। अपहरण के मामले 17 से बढ़कर 23 हो गए हैं। वहीं बलात्कार के मामले भी डेढ़ गुना बढ़ गए हैं। 2023 में 7 मामले दर्ज किए गए थे जो इस वर्ष बढ़कर 11 हो गए।
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मेरठ में अपहरण के मामलों में दर्ज हुई बढ़ोत्तरी
मेरठ जिले की बात करें तो यहां अपहरण के मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। 2023 में फिरौती के लिए अपहरण की एक भी घटना नहीं हुई थी, जबकि 2024 के शुरुआती चार महीने में एक घटना हुई। इसके अलावा अन्य अपहरण के मामले भी 170 से बढ़कर 176 हो गए हैं। वाहन चोरी और गृह भेदन के मामलों में भी मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। पिछले साल 197 वाहन शुरुआती चार महीनों में चोरी हुए थे, जो इस वर्ष बढ़ कर 201 हो गई। 2023 में गृहभेदन के 48 मामले दर्ज हुए थे, 2024 में ये बढ़कर 49 हो गए हैं। हालांकि अपराध के बाकी मामलों में जिले में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इस अवधि में डकैती की दो घटना हुई थी, इस वर्ष एक भी नहीं हुई। लूट की 19 घटनाएं हुई थीं। इस वर्ष 13 लूट की घटनाएं हुईं। हत्या की घटनाएं भी 2023 में 29 हुईं थी और इस साल 26 हुई हें। बलवा 18 के मुकाबले 17, अन्य चोरी की घटनाएं भी पिछले साल की तुलना में घटी हैं। पिछले साल 486 चोरी की घटनाएं हुईं थी जो इस वर्ष 399 रह गई हैं। बलात्कार के मामले 2023 में 27 थे और 2024 में 24 दर्ज किए गए हैं।
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सहारनपुर का रिपोर्ट कार्ड सबसे बेहतर
सहारनपुर जिले का रिपोर्ट कार्ड बाकी जिलों से बेहतर रहा है। दहेज हत्या के मामलों को छोड़ दें तो यहां अपराध के हर मद में पिछले साल की तुलना में कमी दर्ज हुई है। यहां डकैती की कोई घटना नहीं हुई। लूट की घटना तीन के मुकाबले 2 ही रही, पिछले साल 12 हत्या शुरुआती चार महीने में हुई थींं, इस बार भी आंकड़ा 12 का ही है। बलवे की 15 घटनाएं हुई थीं जो इस बार 14 ही हैं। गृहभेदन के 12 मामले थे जो इस वर्ष 11 दर्ज किए गए। वाहन चोरी भी 49 से घटकर 47, अन्य चोरी 118 से घटकर 112, अपहरण के मामले 15 से घटकर 11 और बलात्कार के मामले 9 से घटकर 6 रह गए हैं।
बुलंदशहर और शामली में सुधार की जरूरत
बुलंदशहर और शामली में अपराध के कई क्षेत्रों में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। बुलंदशहर में डकैती की एक घटना रही जो पूरे जोन की इस वर्ष की इकलौती घटना थी। इसके अलावा अपहरण की घटना भी 16 के मुकाबले 18 दर्ज की गई। दहेज हत्या 7 के मुकाबले 9, बलात्कार की घटना 10 के मुकाबले 11 रहीं। अपराध के अन्य क्षेत्रों में यहां कमी दर्ज की गई है। इसी तरह शामली में हत्या की घटना पिछले साल के मुकाबले अधिक हुई है। पिछले साल 6 हत्या के मुकदमे दर्ज हुए थे, जो इस साल बढ़कर 11 हो गए हैं। बलवे की घटनाएं भी यहां 14 से बढ़कर 25 हुई हैं। चोरी के मामलों में मामूली बढ़त दर्ज हुई है। पिछले साल 80 के मुकाबले इस वर्ष 83 मुकदमे चोरी के दर्ज हुए हैं। अन्य जिलों बागपत व हापुड़ में भी अपराध के अधिकतर क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई है।

कोट
पूरे जोन में अपराध के मामलों में गिरावट दर्ज हुई। खासकर जो गंभीर अपराध हैं उनमें कमी आई है। सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। केवल मुजफ्फरनगर जिला ऐसा है जहां सुधार की सबसे अधिक गुंजाइश है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद समीक्षा की जाएगी और लापरवाह पुलिस कर्मियों को चिन्हित कर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
डीके ठाकुर
एडीजी जोन, मेरठ।
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