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पिता की जिद ने बनाया 'सुपर रेसलर', देश के लिए इतनी बार जीता गोल्ड

Thu, 17 May 2018 04:54 PM IST
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, वाहिद अली, मेरठ
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, वाहिद अली, मेरठ Updated Thu, 17 May 2018 04:54 PM IST
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Father's insistence made super wrestler, won the gold medal so many times
फाइल फोटो

पिता की जिद ने अलका तोमर को अंतरराष्ट्रीय रेसलर बना दिया। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेरठ का नाम रोशन किया। 60 से ज्यादा पदक जीतकर अलका ने दिखा दिया कि बेटियां अपनी जिद पर आ जाएं तो कुछ भी कर सकती हैं।

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मूल रूप से मेरठ के सिसौली गांव निवासी किसान नैन सिंह ने अलका को बचपन में कुश्ती खिलाड़ी बनाने की ठान ली थी। यह वो दौर था जब लड़कियों की भागीदारी खेलों में बहुत कम थी। 10 साल की छोटी सी उम्र में ही पिता प्रतिदिन अलका को खेतों में ले जाकर दौड़ लगवाते थे। 1999 में नैन सिंह अलका को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रुस्तम-ए-आजम दारा सिंह कुश्ती स्टेडियम में लेकर आए। स्टेडियम के कोच जबर सिंह सोम ने उन्हें खेल के गुर सिखाए। अलका ने कई छोटी-बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक जीते। 2010 के कामनवेल्थ गेम्स में अलका ने गोल्ड मेडल जीतकर महिला कुश्ती को नयी पहचान दी। एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप सहित कई बड़ी स्पर्धाओं में पदक हासिल किए। 
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90 से ज्यादा लड़कियां कुश्ती में दिखा रहीं दम 
अलका से प्रेरित होकर लोगों ने अपनी बेटियों को कुश्ती सीखने के लिए अखाड़े में भेजना शुरू कर दिया है। आज विवि के कुश्ती हाल में 90 से ज्यादा बेटियां कुश्ती में हाथ आजमा रही हैं। इनमें से 20 से ज्यादा खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। हाल ही में आस्ट्रेलिया के गोल कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सीसीएसयू की खिलाड़ी दिव्या काकरान ने पदक जीता था। दिव्या की कोच अलका तोमर ही हैं।
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पढ़ें : कॉमनवेल्थ गेम्स 2018: मेरठ की बहू ने सिल्वर जीतकर बढ़ाया देश का मान

मेरठ की अकेली अर्जुन अवार्डी

Father's insistence made super wrestler, won the gold medal so many times
अलका तोमर - फोटो : अमर उजाला

अलका अभी तक जिले की इकलौती अर्जुन अवार्डी हैं। उन्हें यश भारती अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। अलका प्रतिदिन चौधरी चरण सिंह विवि के कुश्ती हाल में जाकर लड़कियों को अभ्यास कराती हैं। उनका सपना बेटियों को आगे बढ़ाने का है।

ये हैं उपलब्धियां
2010 कामनवेल्थ गेम्स                  गोल्ड मेडल
2011 कामनवेल्थ चैंपियनशिप     गोल्ड मेडल
2009 कामनवेल्थ चैंपियनशिप      गोल्ड मेडल
2009 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट                   गोल्ड मेडल 
2009 शहीद भगत सिंह प्रतियोगिता     गोल्ड मेडल 
2005 साउथ अफ्रीका सेंचुरी गोल्ड कप     गोल्ड मेडल  
2005 कामनवेल्थ चैंपियनशिप       गोल्ड मेडल 
2005 सीनियर एशियन चैंपियनशिप       सिल्वर मेडल

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