Meerut: झगड़े में घायल पूर्व प्रधान के पिता की मौत, अफसरों को आपबीती बताते हुए कई लोग बेहोश, मचा हड़कंप
Meerut News : हस्तिनापुर के एक गांव में झगड़े में घायल हुए पूर्व प्रधान के पिता की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, समाधान दिवस पर अफसरों को आपबीती बताते हुए कई लोग बेहोश हो गए। इससे वहां हड़कंप मच गया।
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मेरठ में हस्तिनापुर के गुढ़ा गांव में दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते कहासुनी संघर्ष में बदल गई और लाठी-डंडे व धारदार हथियार चले। संघर्ष में कई लोग घायल हो गए हैं, जिनमें एक पक्ष के पूर्व प्रधान सचिन के पिता की हालत गंभीर थी। उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया, जहां शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शुक्रवार की शाम को किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच संघर्ष हो गया था। एक पक्ष के पूर्व प्रधान सचिन, उसके पिता सतपाल सहित गौरव, परविंदर आदि गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं, सतपाल की उपचार के दौरान मौत हो गई तो परिवार में कोहराम मच गया।
इसके बाद पीड़ित परिवार के लोग शुक्रवार देर रात में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने थाने पहुंचे। वहीं, मृतक के बेटे पूर्व प्रधान सचिन की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने धाराओं में खेल कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने 302 की जगह 304 लगा दी, जिस बात से पीड़ित पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए।
वहीं, शनिवार को तहसील समाधान दिवस होने के चलते सभी घायल और सैकड़ों ग्रामीण मवाना तहसील पर पहुंचे। इस दौरान समाधान दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण की गाड़ी को पीड़ित पक्ष के लोगों ने तहसील के मुख्य गेट पर रोक लिया और अधिकारियों का घेराव किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा लगाने में खेल कर दिया।
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इसके बाद एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने हस्तिनापुर थाना प्रभारी से बात की और मामले में आरोपी पक्ष के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित पक्ष के लोगों को आरोपियों पर 302 लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही पीड़ित पक्ष के लोग शांत हुए।
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अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए कई लोग बेहोश
इस मामले में अधिकारियों को आपबीती बताते हुए गौरव, परविंदर और सचिन तहसील परिसर में ही बेहोश हो गए। पुलिस ने उन्हें आनन-फानन हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बताया गया कि उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं कर रही है।