फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   farmers will not be able to compete with RCEP

आरसेप का मुकाबला नहीं कर पाएगा किसान

Tue, 05 Nov 2019 02:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2019 02:15 AM IST
विज्ञापन
farmers will not be able to compete with RCEP
मेरठ। क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) यानि आरसेप का मुद्दा गरमाने लगा है। सोमवार को रालोद ने आरसेप के विरोध में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम मांग ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

सोमवार को रालोद के दर्जनों नेता आरसेप के विरोध में कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम के नहीं मिलने पर सभी वहां धरने पर बैठ गए। पार्टी के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि केन्द्र सरकार बैंकाक में होने वाली 16 सदस्यीय देशों की बैठक में क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी संधि करने जा रही है, जो किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुंचाएगी। हस्तिनापुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह और जिलाध्यक्ष राहुल देव ने बताया कि इस संधि से देश में खेती और कुटीर उद्योग पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। संधि हो जाने के बाद दुग्ध उत्पाद एवं गेहूं, कपास, ईलायची, सुपारी, काली मिर्च आदि पर आयात शुल्क खत्म हो जाएगा। वरिष्ठ नेता नरेंद्र खजूरी ने कहा कि सदस्य देशों की सरकारें किसानों को लाभकारी मूल्य एवं भारी सब्सिडी की सुविधाएं देती हैं, जबकि भारत सरकार किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य भी नहीं देती। बिजली, खाद, बीज आदि बहुत महंगे होने के कारण देश का किसान इसका मुकाबला नहीं कर पाएगा। दुग्ध व दुग्ध से बने उत्पादों का सस्ता आयात आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड से होगा। इससे करीब दस करोड़ किसान, मजदूर अपना कारोबार गवां देंगे। रालोद ने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम मांग ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरसेप के पक्ष में नहीं जाने की मांग की गई है। इस मौके पर राजीव बालियान, विनय मल्लापुर, कंवलजीत गुर्जर, नायब अली, डा.सुनील कुमार, रणवीर दहिया, संजय चौधरी, यासीन अंसारी, नासिर अंसारी, चौधरी चंद्रवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed