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सहफसली खेती अपनाएं किसान : डॉ. तिवारी
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तारापुर में किसानों की गन्ना बुवाई एवं कृषि तकनीक की जानकारी देते कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञा
- सहफसली खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे स्थित स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने क्षेत्र के गांव तारापुर में पहुंचकर किसानों को सहफसली खेती के फायदे बताए। इस दौरान गन्ने के साथ अन्य फसलों की खेती कर आय बढ़ाने के तरीके समझाए गए।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. राकेश तिवारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि परंपरागत खेती के साथ सहफसली खेती अपनाने से कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। गन्ने की फसल के साथ दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बुवाई कर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इससे भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है और जोखिम भी कम होता है।
डॉ. नवीन चंद्र ने किसानों को गन्ने की वैज्ञानिक विधि से बुवाई, उन्नत प्रजातियों के चयन, बीज उपचार और संतुलित उर्वरक प्रयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समय पर सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और रोग प्रबंधन के उपाय बताए। वैज्ञानिकों ने कहा कि आधुनिक तकनीक और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
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कार्यक्रम में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर किसान खैराती लाल नारंग, पंकज चौधरी, श्रीकृष्ण चौहान, रामबीर, हरेंद्र चौहान आदि किसान मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे स्थित स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने क्षेत्र के गांव तारापुर में पहुंचकर किसानों को सहफसली खेती के फायदे बताए। इस दौरान गन्ने के साथ अन्य फसलों की खेती कर आय बढ़ाने के तरीके समझाए गए।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. राकेश तिवारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि परंपरागत खेती के साथ सहफसली खेती अपनाने से कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। गन्ने की फसल के साथ दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बुवाई कर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इससे भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है और जोखिम भी कम होता है।
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डॉ. नवीन चंद्र ने किसानों को गन्ने की वैज्ञानिक विधि से बुवाई, उन्नत प्रजातियों के चयन, बीज उपचार और संतुलित उर्वरक प्रयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समय पर सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और रोग प्रबंधन के उपाय बताए। वैज्ञानिकों ने कहा कि आधुनिक तकनीक और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
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कार्यक्रम में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर किसान खैराती लाल नारंग, पंकज चौधरी, श्रीकृष्ण चौहान, रामबीर, हरेंद्र चौहान आदि किसान मौजूद रहे।