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अतिरिक्त प्रतिकर के लिए कमिश्नर दरबार पहुंचे किसान
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मेरठ। लोहियानगर, गंगानगर और वेदव्यासपुरी योजनाओं के अतिरिक्त प्रतिकर का मामला हल न होने से अब किसानों ने कमिश्नर से गुहार लगाई है। शनिवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल दक्षिण विधायक के नेतृत्व में कमिश्नर से मिला। किसानों ने अभी तक एमडीए द्वारा दिए आश्वासनों के बारे में बताया। कमिश्नर ने पूरे मामले को सुनते हुए 24 अगस्त को एमडीए सभागार में किसानों और एमडीए के साथ बैठक करने का आश्वासन दिया।
पिछले कई वर्षों से किसान और एमडीए अधिकारियों के बीच अतिरिक्त प्रतिकर को लेकर बातचीत चल रही है। कई बार चेक तक मामला पहुंचने के बाद भी एमडीए की ओर से आगे की प्रक्रिया नहीं की जाती। प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर को दिए ज्ञापन में कहा कि तीनों योजनाओं में 15 हजार किसान और उनके परिवारजन अतिरिक्त प्रतिकर न मिलने के कारण दयनीय स्थिति में हैं। किसानों ने बताया कि वर्ष-2015 में एमडीए बोर्ड से पास होने के बाद तीनों योजनाओं के लगभग 300 किसानों को उनके अतिरिक्त प्रतिकर के चेक एमडीए ने वर्ष-2019 में वितरित करा दिए। इसके लगभग दो वर्ष बीतने के बाद भी अतिरिक्त प्रतिकर का कोई भुगतान एमडीए द्वारा नहीं किया गया। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी प्राधिकरण का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ऐसी दशा में लोहियानगर, गंगानगर, वेदव्यासपुरी के किसानों को उनके अतिरिक्त प्रतिकर के भुगतान के रूप में जल्द न्याय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कमिश्नर से वर्ष-2015 को पास हुए समझौते के अनुसार तय अतिरिक्त प्रतिकर के भुगतान करने के आदेश देने की मांग की। इस मौके पर सुरेंद्र भडाना, पोपीन प्रधान, विनोद चेयरमैन, यशवीर प्रधान, सतपाल रजपुरा आदि मौजूद रहे।
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पिछले कई वर्षों से किसान और एमडीए अधिकारियों के बीच अतिरिक्त प्रतिकर को लेकर बातचीत चल रही है। कई बार चेक तक मामला पहुंचने के बाद भी एमडीए की ओर से आगे की प्रक्रिया नहीं की जाती। प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर को दिए ज्ञापन में कहा कि तीनों योजनाओं में 15 हजार किसान और उनके परिवारजन अतिरिक्त प्रतिकर न मिलने के कारण दयनीय स्थिति में हैं। किसानों ने बताया कि वर्ष-2015 में एमडीए बोर्ड से पास होने के बाद तीनों योजनाओं के लगभग 300 किसानों को उनके अतिरिक्त प्रतिकर के चेक एमडीए ने वर्ष-2019 में वितरित करा दिए। इसके लगभग दो वर्ष बीतने के बाद भी अतिरिक्त प्रतिकर का कोई भुगतान एमडीए द्वारा नहीं किया गया। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी प्राधिकरण का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ऐसी दशा में लोहियानगर, गंगानगर, वेदव्यासपुरी के किसानों को उनके अतिरिक्त प्रतिकर के भुगतान के रूप में जल्द न्याय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कमिश्नर से वर्ष-2015 को पास हुए समझौते के अनुसार तय अतिरिक्त प्रतिकर के भुगतान करने के आदेश देने की मांग की। इस मौके पर सुरेंद्र भडाना, पोपीन प्रधान, विनोद चेयरमैन, यशवीर प्रधान, सतपाल रजपुरा आदि मौजूद रहे।
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