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पुलिस को चकमा देकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए किसान
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पुलिस को चकमा देकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए किसान
मेरठ/ परतापुर। कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर होने वाली किसान महापंचायत में जिले के किसान भी शामिल हुए। बृहस्पतिवार को हाईवे स्थित परतापुर तिराहा और मोहिद्दीनपुर में पुलिस ने किसानों को रोकना चाहा लेकिन किसानों ने पुलिस को चकमा दे दिया। बिजनौर के किसानों को पहले परतापुर और बाद में मोहिउद्दीनपुर मिल के सामने रोका गया तो गन्ना डालने आए किसानों ने विरोध करते हुए जाम लगाने की धमकी दी। इस पर किसानों को जाने दिया गया। इस बीच नजरबंद करने घर गई पुलिस को देखकर भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी फरार हो गए। बाद में वह जिले की सीमा से बाहर निकल गए।
खाप पंचायतों के आह्वान पर किसानों को महापंचायत में जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बुधवार शाम से ही भाकियू नेताओं की घेरेबंदी शुरू कर दी थी। भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी को पकड़ने के लिए पुलिस ईकड़ी गांव स्थित उनके आवास पर नजरबंद करने पहुंची। जानकारी मिलते ही त्यागी घर से पीछे के रास्ते फरार हो गए। भाकियू नेता संजय दौरालिया के घर पर भी पुलिस रात को पहुंची और उन्हें भी पंचायत में जाने से रोका। नहीं मानने पर उन्हेें ट्रैक्टर ले जाने से मना करते हुए कार से जाने को कहा। दौरालिया कार से गए। भाकियू के वरिष्ठ नेता विजयपाल घोपला और संजय दौरालिया के काफिलों ने बहादरपुर अंडरपास से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस पकड़ा और पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के लिए निकल गए। मनोज और उनके साथियों को गाजियाबाद में पुलिस ने रोका, जहां हंगामे के बाद वह वहां से निकल गए।
पुलिस की सख्ती और घेरेबंदी को देखते हुए भाकियू के अधिकतर पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता मंगलवार-बुधवार को ही गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए थे। कुछ पदाधिकारियों को किसानों को लाने के लिए छोड़ा गया था।
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भाकियू तोमर के मंडल अध्यक्ष नजरबंद
भाकियू (तोमर) के मंडल अध्यक्ष पदम सिंह और जिलाध्यक्ष विनीत सांगवान को जानी पुलिस ने जिंजोखर में उनके घर पर नजरबंद कर दिया। वह महापंचायत में जाने की तैयारी कर रहे थे।
खड़े रह गए ट्रैक्टर, धरी रह गई तैयारी
महापंचायत में जिले से 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली जानी थीं। एक दर्जन कारों की भी व्यवस्था की गई थी। पुलिस की सख्ती से सभी व्यवस्थाएं धरी रह गईं और बहुत कम संख्या में किसान गए।
भाजपा का किसान सम्मेलन आज, मंत्री ईरानी मुख्य वक्ता
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कृषि कानूनों के बारे में भ्रम दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शुक्रवार को मेरठ में किसान प्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित करेंगी। सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, अतुल गर्ग व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा सहित विधायक भी मौजूद रहेंगे। भाजपा के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा ने बताया कि स्मृति ईरानी मुख्य वक्ता होंगी।
सम्मेलन में मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर और हापुड़ के किसानों को आमंत्रित किया गया है। 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कृषि विश्वविद्यालय आए थे और उन्होंने कानूनों को लेकर चल रहे आंदोलन के लिए विपक्ष का आड़े हाथ लिया था। इसके बाद किसान सम्मेलन शुरू हुए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और दादरी (गौतमबुद्धनगर) में सम्मेलन हो चुके हैं। मेरठ में आखिरी सम्मेलन है।
सम्मेलन की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है। वाटर प्रूफ टेंट लगवाया गया है। इस बीच भाजपा के प्रदेश मंत्री डॉ. चंद्रमोहन के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को महानगर और जिले के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, जिला अध्यक्ष अनुज राठी, महानगर महामंत्री महेश बाली ,अरविंद गुप्ता, राज कुमार सोनकर, जिला महामंत्री अंकुर मुखिया, पीयूष शर्मा, दलजीत सिंह आशीष प्रताप सिंह व गजेंद्र शर्मा इत्यादि रहे।
सड़क मार्ग से आएंगी
ईरानी दोपहर 12:00 बजे संस्कृति बैंक्वेट हॉल (परतापुर मोदीपुरम बाईपास निकट रोहटा रोड फ्लाईओवर) पर सड़क मार्ग से पहुंचेंगी।
विपक्षी दलों की नजर
भाजपा ने सम्मेलन की जिम्मेदारी किसान मोर्चा को नहीं बल्कि मेन विंग को दी है। इसलिए विपक्षी दलों की नजर सम्मेलन पर टिकी है।
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मेरठ/ परतापुर। कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर होने वाली किसान महापंचायत में जिले के किसान भी शामिल हुए। बृहस्पतिवार को हाईवे स्थित परतापुर तिराहा और मोहिद्दीनपुर में पुलिस ने किसानों को रोकना चाहा लेकिन किसानों ने पुलिस को चकमा दे दिया। बिजनौर के किसानों को पहले परतापुर और बाद में मोहिउद्दीनपुर मिल के सामने रोका गया तो गन्ना डालने आए किसानों ने विरोध करते हुए जाम लगाने की धमकी दी। इस पर किसानों को जाने दिया गया। इस बीच नजरबंद करने घर गई पुलिस को देखकर भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी फरार हो गए। बाद में वह जिले की सीमा से बाहर निकल गए।
खाप पंचायतों के आह्वान पर किसानों को महापंचायत में जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बुधवार शाम से ही भाकियू नेताओं की घेरेबंदी शुरू कर दी थी। भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी को पकड़ने के लिए पुलिस ईकड़ी गांव स्थित उनके आवास पर नजरबंद करने पहुंची। जानकारी मिलते ही त्यागी घर से पीछे के रास्ते फरार हो गए। भाकियू नेता संजय दौरालिया के घर पर भी पुलिस रात को पहुंची और उन्हें भी पंचायत में जाने से रोका। नहीं मानने पर उन्हेें ट्रैक्टर ले जाने से मना करते हुए कार से जाने को कहा। दौरालिया कार से गए। भाकियू के वरिष्ठ नेता विजयपाल घोपला और संजय दौरालिया के काफिलों ने बहादरपुर अंडरपास से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस पकड़ा और पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के लिए निकल गए। मनोज और उनके साथियों को गाजियाबाद में पुलिस ने रोका, जहां हंगामे के बाद वह वहां से निकल गए।
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पुलिस की सख्ती और घेरेबंदी को देखते हुए भाकियू के अधिकतर पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता मंगलवार-बुधवार को ही गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए थे। कुछ पदाधिकारियों को किसानों को लाने के लिए छोड़ा गया था।
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भाकियू तोमर के मंडल अध्यक्ष नजरबंद
भाकियू (तोमर) के मंडल अध्यक्ष पदम सिंह और जिलाध्यक्ष विनीत सांगवान को जानी पुलिस ने जिंजोखर में उनके घर पर नजरबंद कर दिया। वह महापंचायत में जाने की तैयारी कर रहे थे।
खड़े रह गए ट्रैक्टर, धरी रह गई तैयारी
महापंचायत में जिले से 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली जानी थीं। एक दर्जन कारों की भी व्यवस्था की गई थी। पुलिस की सख्ती से सभी व्यवस्थाएं धरी रह गईं और बहुत कम संख्या में किसान गए।
भाजपा का किसान सम्मेलन आज, मंत्री ईरानी मुख्य वक्ता
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कृषि कानूनों के बारे में भ्रम दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शुक्रवार को मेरठ में किसान प्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित करेंगी। सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, अतुल गर्ग व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा सहित विधायक भी मौजूद रहेंगे। भाजपा के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा ने बताया कि स्मृति ईरानी मुख्य वक्ता होंगी।
सम्मेलन में मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर और हापुड़ के किसानों को आमंत्रित किया गया है। 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कृषि विश्वविद्यालय आए थे और उन्होंने कानूनों को लेकर चल रहे आंदोलन के लिए विपक्ष का आड़े हाथ लिया था। इसके बाद किसान सम्मेलन शुरू हुए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और दादरी (गौतमबुद्धनगर) में सम्मेलन हो चुके हैं। मेरठ में आखिरी सम्मेलन है।
सम्मेलन की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है। वाटर प्रूफ टेंट लगवाया गया है। इस बीच भाजपा के प्रदेश मंत्री डॉ. चंद्रमोहन के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को महानगर और जिले के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, जिला अध्यक्ष अनुज राठी, महानगर महामंत्री महेश बाली ,अरविंद गुप्ता, राज कुमार सोनकर, जिला महामंत्री अंकुर मुखिया, पीयूष शर्मा, दलजीत सिंह आशीष प्रताप सिंह व गजेंद्र शर्मा इत्यादि रहे।
सड़क मार्ग से आएंगी
ईरानी दोपहर 12:00 बजे संस्कृति बैंक्वेट हॉल (परतापुर मोदीपुरम बाईपास निकट रोहटा रोड फ्लाईओवर) पर सड़क मार्ग से पहुंचेंगी।
विपक्षी दलों की नजर
भाजपा ने सम्मेलन की जिम्मेदारी किसान मोर्चा को नहीं बल्कि मेन विंग को दी है। इसलिए विपक्षी दलों की नजर सम्मेलन पर टिकी है।