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किसान गन्ना मूल्य भुगतान के लिए पेड़ पर चढे़
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14ए - गन्ना भुगतान की मांग को लेकर पेड पर चढा शौकीन गुर्जर । (मवाना)
- फोटो : MAWANA
मवाना। गन्ना मूल्य भुगतान मय ब्याज कराए जाने की मांग को लेकर किसान एकता संघर्ष संगठन के अध्यक्ष शौकीन गुर्जर शुक्रवार को तहसील परिसर स्थित पेड़ पर चढ़ गए। कुछ देर बाद ही उनका एक और साथी भी पेड़ पर चढ़ गया। इसकी जानकारी पाकर तहसीलदार, पुलिस, फायर ब्रिगेड, गन्ना समिति सचिव, मिल अधिकारियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पेड़ से उतारा। हालांकि बाद में दोनों किसानों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
किसान एकता संघर्ष संगठन द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान मय ब्याज कराने, 15 कुंतल बोगी की पर्ची जारी कराने आदि मांगों को लेकर तहसील में काफी समय से सांकेतिक धरना दिया जा रहा है। ये कई बार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा जिले के आला अधिकारियों को मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। नित्य की भांति तहसील परिसर में किसान धरने पर बैठे थे। शुक्रवार दोपहर करीब पौने बारह बजे संगठन अध्यक्ष शौकीन गुर्जर तहसील परिसर स्थित पेड़ पर चढ़ गए तथा नारेबाजी शुरू कर दी। उनका साथी रेशपाल भी पेड़ पर चढ़ गया। इसकी जानकारी पाकर तहसीलदार अजय उपाध्याय मौके पर पहुंचे तथा किसानों को नीचे उतरने का आग्रह किया। हालांकि किसानों मय ब्याज भुगतान नहीं होने तथा चीनी दिलाए जाने की मांग पूरी होने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया। सूचना पाकर थाना प्रभारी विनय कुमार आजाद ने भी किसानों से नीचे उतरने के लिए कहा। वहीं, किसानों ने बात मानने से इनकार कर दिया। चैयरमैन अय्यूब कालिया, ईओ सुनील कुमार, गन्ना समिति सचिव प्रदीप कुमार शर्मा, मिल के सीनियर मैनेजर अरुण वैनीवाल, मनोज कुमार सिंह पालिका कर्मचारियों के साथ लिफ्टर लेकर पहुंचे। उसमें दरोगा विनोद कुमार को बैठाकर ऊपर भेजा। जिसने होशियारी के साथ रेशपाल को जकड़ लिफ्टर में डालकर नीचे उतार लिया। हालांकि शौकीन गुर्जर मांग पूरी होने पर ही नीचे उतरने की जिद्द पर अडे़ रहे। फायर ब्रिगेड की सीढ़ी मंगाकर भी उन्हें उतारने का प्रयास किया। इस पर वह और ऊपर चढ़ गए। उन्हें आश्वासन देकर अधिकारियों ने करीब तीन घंटे बाद बमुश्किल नीचे उतारा तथा थाने ले गए। इस पर शौकीन गुर्जर के परिवार की महिलाएं भी थाने पहुंच र्गइं तथा त्योहार के मद्देनजर जेल नहीं भेजने का आग्रह किया। इस पर थाना प्रभारी विनय आजाद ने दोनों किसानों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
पहले भी चढ़ चके हैं टंकी पर
शौकीन गुर्जर किसानों की मांगों को लेकर एसडीएम आवास के सामने स्थित पानी की टंकी पर भी दो वर्ष पहले चढ़ चुके हैं। इसके बाद मवाना शुगर मिल की चिमनी पर चढ़कर आंदोलन कर चुके हैं। किसानों के लिए ही आंदोलन के दौरान वह जेल भी जा चुके हैं।
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लंगूर को पेड़ पर चढ़ता देख नीचे उतरा किसान
किसानों के पेड़ से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं होने पर थाना प्रभारी ने उन्हें डराने के लिए मवाना शुगर मिल से लंगूर मंगा लिया। पेड़ पर लंगूर को चढ़ाए जाने पर शौकीन गुर्जर उतरने के लिए तैयार हुए।
आश्वस्त होने पर ही पेड़ से उतरे
पेड़ पर चढे़ शौकीन गुर्जर को आभास था कि नीचे उतरते ही पुलिस उसे जेल भेज सकती है। इसी कारण वह पेड़ से नीचे उतरने से पहले ही आश्वस्त होे जाना चाहते थे। वह बोले, धोखा मत देना, जेल मत भेज देना, दया करियो आज धनतेरस है।
चीनी मिल अधिकारियों पर किसानों का समस्त गन्ना मूल्य भुगतान कराने का दबाव बनाया हुआ है। हालांकि यहां पर किसानों को कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। -प्रदीप शर्मा, सचिव गन्ना समिति मवाना
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किसान एकता संघर्ष संगठन द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान मय ब्याज कराने, 15 कुंतल बोगी की पर्ची जारी कराने आदि मांगों को लेकर तहसील में काफी समय से सांकेतिक धरना दिया जा रहा है। ये कई बार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा जिले के आला अधिकारियों को मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। नित्य की भांति तहसील परिसर में किसान धरने पर बैठे थे। शुक्रवार दोपहर करीब पौने बारह बजे संगठन अध्यक्ष शौकीन गुर्जर तहसील परिसर स्थित पेड़ पर चढ़ गए तथा नारेबाजी शुरू कर दी। उनका साथी रेशपाल भी पेड़ पर चढ़ गया। इसकी जानकारी पाकर तहसीलदार अजय उपाध्याय मौके पर पहुंचे तथा किसानों को नीचे उतरने का आग्रह किया। हालांकि किसानों मय ब्याज भुगतान नहीं होने तथा चीनी दिलाए जाने की मांग पूरी होने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया। सूचना पाकर थाना प्रभारी विनय कुमार आजाद ने भी किसानों से नीचे उतरने के लिए कहा। वहीं, किसानों ने बात मानने से इनकार कर दिया। चैयरमैन अय्यूब कालिया, ईओ सुनील कुमार, गन्ना समिति सचिव प्रदीप कुमार शर्मा, मिल के सीनियर मैनेजर अरुण वैनीवाल, मनोज कुमार सिंह पालिका कर्मचारियों के साथ लिफ्टर लेकर पहुंचे। उसमें दरोगा विनोद कुमार को बैठाकर ऊपर भेजा। जिसने होशियारी के साथ रेशपाल को जकड़ लिफ्टर में डालकर नीचे उतार लिया। हालांकि शौकीन गुर्जर मांग पूरी होने पर ही नीचे उतरने की जिद्द पर अडे़ रहे। फायर ब्रिगेड की सीढ़ी मंगाकर भी उन्हें उतारने का प्रयास किया। इस पर वह और ऊपर चढ़ गए। उन्हें आश्वासन देकर अधिकारियों ने करीब तीन घंटे बाद बमुश्किल नीचे उतारा तथा थाने ले गए। इस पर शौकीन गुर्जर के परिवार की महिलाएं भी थाने पहुंच र्गइं तथा त्योहार के मद्देनजर जेल नहीं भेजने का आग्रह किया। इस पर थाना प्रभारी विनय आजाद ने दोनों किसानों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
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पहले भी चढ़ चके हैं टंकी पर
शौकीन गुर्जर किसानों की मांगों को लेकर एसडीएम आवास के सामने स्थित पानी की टंकी पर भी दो वर्ष पहले चढ़ चुके हैं। इसके बाद मवाना शुगर मिल की चिमनी पर चढ़कर आंदोलन कर चुके हैं। किसानों के लिए ही आंदोलन के दौरान वह जेल भी जा चुके हैं।
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लंगूर को पेड़ पर चढ़ता देख नीचे उतरा किसान
किसानों के पेड़ से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं होने पर थाना प्रभारी ने उन्हें डराने के लिए मवाना शुगर मिल से लंगूर मंगा लिया। पेड़ पर लंगूर को चढ़ाए जाने पर शौकीन गुर्जर उतरने के लिए तैयार हुए।
आश्वस्त होने पर ही पेड़ से उतरे
पेड़ पर चढे़ शौकीन गुर्जर को आभास था कि नीचे उतरते ही पुलिस उसे जेल भेज सकती है। इसी कारण वह पेड़ से नीचे उतरने से पहले ही आश्वस्त होे जाना चाहते थे। वह बोले, धोखा मत देना, जेल मत भेज देना, दया करियो आज धनतेरस है।
चीनी मिल अधिकारियों पर किसानों का समस्त गन्ना मूल्य भुगतान कराने का दबाव बनाया हुआ है। हालांकि यहां पर किसानों को कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। -प्रदीप शर्मा, सचिव गन्ना समिति मवाना