एमएसपी गारंटी कानून की मांग को लेकर शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में बुधवार को मेरठ से भी किसानों ने हुंकार भरी। भारी संख्या में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसान शहर की सड़कों से ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। इस बीच कई जगह बैरिकेडिंग कर किसानों को रोकने की कोशिश की गई, तो पुलिस से नोकझोंक भी हुई। किसान बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ गए।
वहीं, गाजे-बाजे के साथ भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में कार्यकर्ता 300 से अधिक ट्रैक्टरों में सवार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां धरना देने के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन एडीएम सिटी बृजेश कुमार को सौंपा। इसके बाद रणनीति बृहस्पतिवार को होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में तय किए जाने का एलान कर वापस लौट गए।
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किसानों से पुलिस की नोकझोंक।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली रोड, मवाना रोड, सरधना रोड और गढ़ रोड के रास्ते से आए भाकियू कार्यकर्ता बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब कैंट में रक्षा लेखा नियंत्रक कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। यहां से टैक्टर में सायरन और हूटर बजाते हुए बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के नारों के साथ डीजे की धुनों पर कलक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। चौधरी चरण सिंह पार्क और कुटी चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश की। किसानों की पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई, लेकिन हजारों की संख्या में किसानों के सामने पुलिस की एक न चली और वह ट्रैक्टर लेकर आगे बढ़ गए।
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मेरठ में किसानों का ट्रैक्टर मार्च।
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पुलिस ने दोपहर एक बजे जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर किसानों को रोकने का प्रयास किया। लेकिन बढ़ती भीड़ के आगे पुलिस बैकफुट पर आई और किसान ट्रैक्टर लेकर कलक्ट्रेट परिसर में घुस गए। भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय में स्थित धरना स्थल पर धरना शुरू कर दिया। बाद में भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी की ओर से एक ज्ञापन एडीएम सिटी बृजेश कुमार को सौंपा गया। उन्होंने किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कही। इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर चौधरी चरण सिंह पार्क तक ट्रैक्टरों की कतारें लग गईं।
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राकेश टिकैत, मेरठ कलक्ट्रेट में
- फोटो : Amar Ujala
बताया गया कि धरना स्थल पर किसानों ने भट्टी चढ़ा दी। धरना समाप्त होने के बाद किसान खाना खाकर कलक्ट्रेट से ढाई घंटे बाद रवाना हो गए। सत्यवीर सिंह, हर्ष चहल, देशपाल, बब्लू, हैप्पी, राजकुमार करनावल, विनोद, नीरज, बिट्टू, मोनू, राजा, कृष्णपाल, मनोज, अनुज, प्रशांत, मोनू ढिंढाला, महबूब सोलाना समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता धरने में मौजूद रहे।
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ट्रैक्टर मार्च में शामिल राकेश टिकैत
- फोटो : Amar Ujala
इन मांगों का ज्ञापन सौंपा
मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण रखे सरकार, भोजन, दवाओं, कृषि यंत्रों से जीएसटी हटाई जाए। खाद्य सुरक्षा की गारंटी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाया जाए। सभी के लिए मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और स्वच्छता के अधिकार की गारंटी। वन अधिकार अधिनियम का कड़ाई से क्रियान्वयन। सार्वजनिक क्षेत्र में उद्यमों, सरकारी विभागों का निजीकरण बंद हो। नलकूपों पर बिजली मीटर न लगाए जाएं। सभी कृषक परिवारों को कर्ज के जाल से मुक्त करने के लिए व्यापक ऋण माफी योजना की घोषणा। किसानों के लिए बीज, उर्वरक और बिजली पर सब्सिडी बढ़े।
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