हस्तिनापुर/माछरा/किठौर(मेरठ)। तेज बारिश व हवा से गेहूं की फसल को हल्का नुकसान हुआ है। वहीं, खेतों में पानी भरने से गन्ने कुछ स्थानों पर गन्ने की छिलाई भी रुक गई। वहीं क्रेशर, मिल की पेराई पर भी असर पड़ा। हस्तिनापुर, मवाना, सरधना, माछरा, परीक्षितगढ़ आदि क्षेत्रों में बारिश हुई। वहीं, कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक बारिश से फसलों को कोई खास नुकसान नहीं है।
हस्तिनापुर क्षेत्र में खेतों में पानी भरने से गन्ने की छिलाई करना मुश्किल हो रहा है। बेमौसम बरसात से हजारों हेक्टेयर गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। क्षेत्रीय किसान सरदार सुंदर सिंह, विपिन चौधरी, प्रवीण कुमार, ऋषि पाल मावी, सुनील कुमार आदि के मुताबिक पहले कई सालों से इस समय ऐसी बारिश नहीं देखी गई है। खेतों में भरे पानी से गन्ने की छिलाई भी नहीं हो सकी। वहीं, स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. ओमवीर सिंह के मुताबिक अभी दो-तीन दिन और बादल, बूंदाबांदी के आसार हैं। वहीं, गिरी हुई गेहूं की फसल में कोई खास नुकसान नहीं होगा। रेतीले मैदानों के लिए बारिश फसलों के लिए लाभदायक है। माछरा क्षेत्र में किसानों के मुताबिक बारिश से आलू व सरसों में नुकसान हुआ है। गेहूं की पछेती फसल को फायदा है लेकिन अगेती फसल को हल्का नुकसान होगा। आलू किसान जितेंद्र कुुमार, प्रदीप शर्मा, मुकेश त्यागी, प्रमोद कुमार ने बताया कि सरसों पर पूरी फली बन चुकी थी वजन हो जाने के कारण वह खेतों में गिर गई है। वहीं, आलू में ज्यादा पानी से गलन हो सकती है। ईंधन भीगने से कोल्हू भी बंद पड़ गए। उधर, बारिश के चलते केंद्रों पर गन्ना बहुत कम पहुंचा। जिसके चलते नंगलामल शुगर मिल को क्रेसिंग कम क्षमता पर चलाना पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बारिश लगातार हुई तो पेराई बंद करनी पड़ सकती है। दूसरी ओर किठौर क्षेत्र में भी फसले प्रभावित हुई। ठंडी तेज हवा के चलते लोग आग में हाथ सेकते नजर आए। खेतों में पानी भरा तो आलू की खुदाई नहीं हो सकी। वहीं, बागवानी करने वाले लाग बारिश को वरदान बता रहे हैं। किसान रिजवान, महेश, शफ़ीक ने बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल को फायदा है। तो बागवान मसिउल्ला खां, जमील शाह ने बताया कि बारिश बागों के लिए वरदान साबित हुई है।

बारिश और तेज हवा से गिरी गेहूं की फसल।- फोटो : MAWANA