फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Farmer leader fiercely thrashed in Mahapanchayat, said - Officers will have to be treated

महापंचायत में जमकर गरजे किसान नेता, कहा-अधिकारियों का करना पड़ेगा इलाज, 11 दिन बाद खत्म हुआ धरना

Sat, 07 Nov 2020 10:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 07 Nov 2020 10:35 PM IST
विज्ञापन
Farmer leader fiercely thrashed in Mahapanchayat, said - Officers will have to be treated
पंचायत में शामिल किसान नेता - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसान महापंचायत में अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि धरना देने पर अफसर हमारे ऊपर एनएसए लगाने की धमकी दे रहे थे।  उन्होंने कहा कि जिले के हालात खराब हो चुके हैं, अफसरों का इलाज करना पड़ेगा, इनके बक्कल (खाल) उतारने पड़ेंगे। बकाया भुगतान नहीं हुआ तो शिव चौक को क्रांति चौक बना देंगे।

विज्ञापन


शनिवार को जीआईसी मैदान में किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि 11 दिन से भाकियू का धरना चल रहा है। इसमें बहुत से उतार चढ़ाव देखे हैं। इस समय सबसे बड़ा भ्रष्टाचार विद्युत निगम में है। गलत बिल जारी करके जनता से लूट हो रही है।
विज्ञापन


आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने 20 अक्तूबर तक गन्ने का बकाया भुगतान कराने की बात की थी, चीनी मिलें चल चुकी हैं, पुराना भुगतान अभी भी बकाया है। कृषि कानून का नतीजा है धान 800 रुपये क्विंटल बिक रहा है। गेहूं 1400 रुपये क्विंटल बिक रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कहा अधिकारों को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। एकत्र होकर इन फैक्टरियों का इलाज कर लो। हमें लाठी से मुकाबला नहीं करना है, वैचारिक क्रांति से हराना है। हमने आंदोलन शुरू किया तो हमें धमकी दी गई धरना उठा लो नहीं तो एनएसए लगा दिया जाएगा। राकेश टिकैत ने कहा कि अफसरों की करामात यह है कि जिले के सारे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी  चोरी की बिजली जला रहे हैं, इनकी जांच होनी चाहिए।

यहां सच कहने वाला गुनहगार है। पराली जलाने पर किसानों को जेल भेज रहे हैं। अफसरों के जो हालात है इनके बक्कल (खाल) उतारने पड़ेंगे। पार्टी में किसी को वोट दो इस संगठन को मजबूत कर लो। किसानों का सम्मान संगठन ही बचाएगा। गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा और भुगतान नहीं हुआ तो हम शिवचौक को क्रांति चौक बना देेंगे। 
 
भाकियू ने किया जमकर हंगामा, एक घंटे के बाद वार्ता में बनी सहमति
 महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के जेल जाने की घोषणा करते ही कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने खड़े होकर घोषणा की कि चौधरी टिकैत जेल जाएंगे तो पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन होगा।

इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए भाकियू नेताओं को मनाना शुरू दिया। अधिकारियों ने भाकियू नेताओं को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगें पूरी कर ली जाएगी, तब कहीं जाकर महापंचायत और 11 दिन से एसई दफ्तर पर चला आ रहा धरना समाप्त हुआ।

शनिवार को जीआईसी मैदान की किसान महापंचायत में उमड़ी भीड़ के बीच माहौल उस समय अचानक बदल गया,  जब भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने जेल जाने की घोषणा कर दी।उनकी घोषणा के बाद समर्थकों ने कुछ समय शांत रहने के बाद जेल जाने की बात कही और हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष राजेश जादौन ने माइक संभाल लिया और कहा कि चौधरी नरेश टिकैत अकेले जेल नहीं जाएंगे। प्रदेश के सभी जिलों में किसान जेल भरेंगे।

इतने किसान जेल जाएंगे कि जेलों में जगह नहीं रहेगी। एक घंटे तक भाकियू के प्रतिनिधिमंडल और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बात होती रही। इसी बीच राकेश टिकैत ने शिवचौक और कलक्ट्रेट कूच करने की बात की, तो मामला गर्मा गया। जिला प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए। लंबी जद्दोजहद के बाद प्रशासन और भाकियू के बीच समझौता हुआ।

एडीएम प्रशासन अमित सिंह और एसपी सिटी सतपाल आंतिल ने किसानों को मनाया। इसके बाद महापंचायत और एसई दफ्तर पर 11 दिन से चला आ रहा धरना भाकियू का समाप्त हो गया। आंदोलन समाप्त के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed