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नकली पेट्रोल-डीजल मामला: बड़ा सवाल- 48 घंटे में कहां से आया 70 हजार अवैध केरोसिन

Tue, 10 Sep 2019 02:46 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 10 Sep 2019 02:46 AM IST
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Fake Petrol-Diesel Case: Where did 70 thousand illegal kerosene come from in 48 hours
पेट्रोल पंप के गोदाम पर छापेमारी का फोटो - फोटो : अमर उजाला

मेरठ जिले में रतिराम खूबचंद ऑयल डिपो में हुई छापेमारी के बाद एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। मिलावटी तेल के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जिलाधिकारी के निर्देश पर शहर के सभी केरोसिन ऑयल डिपो पर 5 सितंबर को छापेमारी हुई थी। जिसमें मैसर्स रतिराम खूबचंद फर्म की भी जांच हुई थी और इस जांच में केरोसिन ऑयल का स्टॉक और वितरण सही पाया गया था। लेकिन दो दिन बाद ही सात सितंबर को एडीएम सिटी के छापे में इसी ऑयल डिपो पर 70 हजार लीटर अवैध केरोसिन की बरामदगी ने हलचल मचा दी। वहीं, अब प्रशासन की पांच सितंबर को हुई छापेमारी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 

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पांच सितंबर को प्रशिक्षु पीसीएस लवी त्रिपाठी को मजिस्ट्रेट के रूप में रतिराम खूबचंद ऑयल डिपो पर औचक निरीक्षण के लिए आपूर्ति व बाटमाप तोल विभाग की टीम के साथ भेजा गया था। इस निरीक्षण की जांच रिपोर्ट में सब कुछ सही पाया जाना बताया गया था। लेकिन सात सितंबर को अचानक एडीएम सिटी के नेतृत्व में फिर से रतिराम खूबचंद फर्म पर छापा मारा गया। जिसमें स्टॉक रजिस्टर के तहत आए 48 हजार लीटर केरोसिन का वितरण होना पाया गया। लेकिन जांच में भूमिगत टैंकों के भीतर अवैध रूप से 70 हजार लीटर से ज्यादा केरोसिन मिला। 
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ये उठ रहे सवाल 
क्या पांच सितंबर को छापे की कार्रवाई औपचारिक थी और उसमें लापरवाही बरती गई
क्या इस छापे में मजिस्ट्रेट को कुछ ऐसा संदिग्ध मिला, जिसकी गोपनीय सूचना पर दोबारा छापा मारा गया
आखिर दो दिन के भीतर इस फर्म पर केरोसिन का स्टॉक कहां से आया

यह भी पढ़ें: नकली पेट्रोल-डीजल का खेल: जमीन के नीचे टैंकों में दबा था गरीबों के घर रोशन करने वाला तेल

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आपूर्ति विभाग से मांगा दो दिन का रिकार्ड 
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना है कि जिला आपूर्ति विभाग से दो दिन का रिकॉर्ड मांगा गया। दो दिन पहले प्रशासन टीम को वहां पर कुछ नहीं मिला था। जिससे साफ जाहिर कि अवैध केरोसिन इन्हीं दो दिन के बीच आया होगा। जिले में कहां कहां और किस राशन डीलर को कितना केरोसिन वितरित किया है, इसकी पड़ताल होगी। विवेचना शुरू हो गई है। जिसमें दो दिन पहले हुई जांच का जिक्र किया गया है। इसकी गहनता से जांच होगी। 

पुख्ता सूचना पर मारा गया छापा 

डीएम अनिल ढींगरा के अनुसार यह सही है कि पांच सितंबर को हुए निरीक्षण में सब सही पाया गया। सात सितंबर को भी छापे में सब सही ही पाया गया था। लेकिन अचानक एडीएम सिटी को शक हुआ तो उन्होंने गेज को टैंक में ऊपर से झटके के साथ डलवाया। जिसके बाद टैंक की एक और सतह खुल गई और उसके भीतर तेल बरामद हुआ। तेल इस टैंक में पहले से था या 05 सितंबर के बाद आया, यह जांच का विषय है। जिसकी जांच चल रही है। लेकिन भूमिगत टैंकों में वितरण के बाद 70 हजार से अधिक केरोसिन बरामद होने की बात सामने आई है। आईओसी टीम द्वारा भूमिगत टैंकों की जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। 

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