भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन, खुलासा होते ही रातोंरात बंद हुए पेट्रोल पंप, धड़ल्ले से चल रहा था 'खेल'
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मेरठ शहर में नकली तेल का काला कारोबार जहां फलता फूलता रहा तो वहीं देहात में बायो डीजल पंप के नाम पर पंपों पर धड़ल्ले से नकली और मिलावटी डीजल बिकता रहा। भ्रष्टाचार का खेल इस तरह खुलकर चलता रहा कि सालों तक तमाम सरकारी विभाग इसे लेकर चुप्पी साधे बैठे रहे।
अब नकली तेल की पोल खुलने के बाद पुलिस-प्रशासन का डंडा चला तो तेल माफियाओं के दम पर चल रहे ये अवैध पेट्रोल पंप न केवल बंद होना शुरू हो गए, बल्कि हस्तिनापुर के लतीफपुर गांव में तो तेल माफिया अवैध डीजल पंप की मशीन ही उखाड़कर ले गया।
डीजल के विकल्प के रूप में बायो डीजल की खोज हुई थी। यह डीजल जेट्रोफा के पौधे के फल से तैयार होता था। जिसकी खेती के लिए वर्ष 2010 के आसपास काफी प्रोत्साहित किया गया। लेकिन किसानों को इसमें लाभ नजर नहीं आया, उल्टे इस पौधे के फल को खाने से कई जगह बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हुए तो कई की मौत भी हो गई।
ऐसे में बायो डीजल बंद हो गया। लेकिन उस समय स्थापित किए गए बायो डीजल पंप की आड़ में तेल माफिया सक्रिय हो गए। इन तेल माफियाओं ने ऐसे बायो डीजल पंपों से संपर्क साधा और अपने मिलावटी तेल को इन पंपों के जरिये सप्लाई करना शुरू कर दिया।
आपूर्ति विभाग में नहीं कोई पंजीकरण
बायो डीजल पंप सुदूर देहात क्षेत्रों में लगे थे। इनका कोई पंजीकरण आपूर्ति विभाग के पास भी नहीं रहा। आपूर्ति विभाग ने भी तेल माफियाओं से साठगांठ के चलते इस तरफ से आंखें बंद कर लीं और यहां पर मिलावटी तेल का काम धड़ल्ले से चल पड़ा। करीब छह-सात वर्षों से इन अवैध डीजल पंपों पर मिलावटी डीजल बेचा जा रहा था और आपूर्ति विभाग सहित तमाम विभाग साठगांठ के खेल में इस अवैध कारोबार को संरक्षण देते रहे।
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डंडा चला तो उखड़ गए पंप
नकली डीजल पेट्रोल के खिलाफ 20 अगस्त को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरी तरह सख्ती बरती और जनपद के तमाम पेट्रोल पंपों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाने लगे। इस सख्ती को देख तमाम अवैध पेट्रोल पंप संचालक भाग खड़े हुए। हस्तिनापुर के तारापुर में ऐसे ही बंद डीजल पंप पर आपूर्ति विभाग सील लगाने आया। लेकिन लतीफपुर का डीजल पंप संचालक तो रातोंरात मशीन ही उखाड़कर ले गया। यहां पर आपूर्ति विभाग को एक बंद कमरे में जेनरेटर मिला, जिस पर सील लगा दी गई। इन दोनों पेट्रोल पंप से खादर क्षेत्र के करीब 17 गांवों के किसान डीजल खरीदते थे।
लावड़ में रातोंरात बंद हुआ पंप
कस्बे के मीठेपुर मार्ग पर एक बायो डीजल पंप था। लेकिन मेरठ में नकली तेल का खेल का पर्दाफाश होने के बाद यह पंप रातोंरात बंद हो गया। कस्बे के लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि आखिर पंप बिना किसी कारण बंद क्यों हुआ। माना जा रहा है कि यह पेट्रोल पंप भी अवैध था और नकली डीजल की बिक्री यहां हो रही थी।
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सभी पर होगी कड़ी कार्रवाई
मेरी जानकारी में ये मामला आ चुका है। मवाना तहसील का प्रकरण है। जहां-जहां भी ये बायो डीजल पंप लगे थे, संबंधित एसडीएम से जांच रिपोर्ट मांग ली गई है। सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - अनिल ढींगरा, डीएम
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