नकली पेट्रोल-डीजल मामला: 102 राशन डीलरों की रिपोर्ट उजागर करेगी असली सच
मेरठ में रतिराम खूबचंद ऑयल डिपो में 70 हजार से ज्यादा केरोसिन स्टॉक मिलने के मामले में पुलिस की विवेचना तेज हो गई है। इस मुकदमे के विवेचक ने जहां 102 राशन डीलरों को नोटिस भेजा है तो चार सरकारी विभागों (आपूर्ति विभाग, जीएसटी, नापतौल व बाट-माप और आईओसीएल) से रिपोर्ट मांगी है। माना जा रहा है कि इन सभी की रिपोर्ट के तथ्यों की जांच के बाद सच सामने आ पाएगा।
इंस्पेक्टर परतापुर एपी मिश्रा के मुताबिक जिला आपूर्ति विभाग द्वारा जिले में 929 राशन डीलरों को सस्ते गल्ले की दुकानें आवंटित हैं। जिनको प्रतिमाह 5.64 लाख लीटर केरोसिन हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी), इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम (बीपी) से मिलता है। इनमें तेल कारोबारी संजय कुमार की फर्म रतिराम खूबचंद ऑयल डिपो को 102 डीलरों को वितरण के लिए 48 हजार लीटर केरोसिन का कोटा है। पुलिस की जांच में सामने आया कि अवैध केरोसिन तेल कारोबारी की फर्म में राशन डीलरों से सेटिंग करके गरीबों का केरोसिन बेचा जाता था। जिसको टैंकरों में दो परत बनाकर छुपाया जाता था।
किस-किस राशन डीलर ने अपना पूरा कोटा नहीं उठाया और रतिराम खूबचंद की फर्म पर बेचा है। इसकी जांच करने के लिए पुलिस ने 102 राशन डीलरों को नोटिस भेजा है। पुलिस का दावा कि आईओसीएल की रिपोर्ट आने के बाद सही तथ्य सामने आएंगे। जिले में एचपी के तीन, भारत का एक और आईओसीएल के सात डिपो हैं, जिनको केरोसिन मिलता है। आईओसीएल द्वारा केरोसिन वितरित करने, उसके नियमानुसार और मानकों के मुताबिक डिपो पर जाने की जानकारी पुलिस ने आईओसीएल से मांगी है।
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तेल गरीबों का है, सरकारी दस्तावेज दो
केस के विवेचक श्यौराज सिंह ने आपूर्ति विभाग, जीएसटी, नापतौल व बाट-माप और आईओसीएल को चिट्ठी भेजी है। जिसमें गरीबों के केरोसिन की सारी जानकारी मांगी। कहा कि सरकारी केरोसिन का ऑनलाइन डाटा होता है। दस साल का रिकार्ड मांगा गया है। वहीं, संजय कुमार की फर्म में अवैध केरोसिन कैसे रखा था, इसका जवाब भी विवेचक ने लिखा पढ़ी में मांगा है। अभी तक संजय कुमार की तरफ से भी कोई पुख्ता दस्तावेज विवेचक को नहीं मिला।
यह हुई अब तक कार्रवाई
रतिराम खूबचंद फर्म से सात सितंबर को जमीन में दबे टैंकों में 70 हजार लीटर केरोसिन बरामद हुआ था, जोकि प्रशासन की जांच में अवैध बताया गया। डीएम ने इस फर्म पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए व पुलिस तैनात की, ताकि कोई वहां टैंकों से छेड़खानी न करे। आईओसीएल ने फर्म का लाइसेंस निरस्त कर नोटिस चस्पा कर दिया।
थोक विक्रेता का नाम कितना मिला तेल (प्रतिमाह जुलाई, अगस्त, सितंबर) भारत ऑयल ट्रेडिंग कंपनी साईंपुरम, ब्रह्मपुरी 1.08 लाख लीटर
चंद्रप्रकाश विजय कुमार मोहकमपुर परतापुर 56 हजार लीटर
रतिराम खूबचंद कुंडा परतापुर 48 हजार लीटर
ज्ञान ऑयल कंपनी पल्लवपुरम 40 हजार लीटर
मेरठ केरोसिन ट्रेडिंग एजेंसी मेरठ शोभापुर कंकरखेड़ा 48 हजार लीटर
प्रेमचंद पवन कुमार गगोल रोड परतापुर 48 हजार लीटर
आरएल विरेंद्रा गगोल रोड परतापुर लाइसेंस निरस्त
प्राणसुख दास संपतराय जैन सरधना 48 हजार लीटर
जगदीश एंड सतीश गगोल रोड परतापुर 24 हजार लीटर
सरदार सिंह जोगेंद्र सिंह गगोल रोड परतापुर 18 हजार लीटर
बसंतलाल बेनी प्रसाद मोहकमपुर परतापुर 18 हजार लीटर
जांच में कोई नहीं बचेगा
रतिराम खूबचंद फर्म में 70 हजार लीटर अवैध केरोसिन गरीबों का था। राशन डीलरों को भी नोटिस देकर जवाब मांगा गया कि उन्होंने कितना केरोसिन डिपो से लिया और कितना गरीबों को वितरित किया। इसका सारा रिकॉर्ड विवेचक लेगा। पुलिस की जांच में कोई नहीं बचेगा। इस फर्म के पेट्रोल पंपों की भी जांच होगी। - आलोक सिंह, आईजी मेरठ रेंज
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