पाकिस्तान की मशहूर शायरा फहमीदा रियाज़ ने 7 साल तक भारत में ली थी शरण, मेरठ से था ये खास नाता
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पाकिस्तान की बेबाक शायरा फहमीदा रियाज़ का लंबी बीमारी के बाद लाहौर में निधन हो गया। खास बात ये है कि मेरठ में जन्मीं इस बेटी ने कई मुश्किलों के बावजूद पाकिस्तान में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज किसी नज्म की तरह जेहन में उतर जाती थी और उनके अल्फाज हर दिल पर असर करते थे।
दरअसल, फहमीदा रियाज़ 28 जुलाई 1945 में भारत में जन्मीं थी। मेरठ जिले में उनका परिवार रहता था। लेकिन बाद में वह यहां से लाहौर पाकिस्तान में जाकर बस गए। हालांकि पाकिस्तान के जनरल जिया उल हक के शासनकाल में उन्हें निर्वासन भी झेलना पड़ा था।
बचपन से ही उनकी उर्दू जबान और उर्दू साहित्य में खास रुचि थी। पाकिस्तान जाने के बाद फहमीदा रियाज़ ने एक न्यूजकास्टर के तौर पर अपना कॅरियर शुरू किया था। इस दौरान निर्वासन के बाद वह सात साल तक भारत में रहीं। यहां उन्होंने दिल्ली के जामिया इस्लामिया में हिंदी का ज्ञान हासिल किया।
पाकिस्तान की बेबाक शायर फहमीदा रियाज को अपने क्रांतिकारी बोलों की वजह से पाकिस्तान की सैनिक हुकूमत का दंश झेलना पड़ा था। प्रगतिशील विचारधारा को पाकिस्तान में कभी पनपने नहीं दिया गया।
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