{"_id":"653ec8efd58cdd8f700d649f","slug":"factory-sealed-for-using-subsidized-urea-mawana-news-c-73-1-smrt1029-1130-2023-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: सब्सिडी का यूरिया प्रयोग करने पर फैक्टरी सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: सब्सिडी का यूरिया प्रयोग करने पर फैक्टरी सील
विज्ञापन
खरखौदा (मेरठ)। धीरखेड़ा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में कृषि विभाग की टीम ने गोंद का पाउडर बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी में टीम ने किसानों को सब्सिडी पर दिए जाने वाले यूरिया का धड़ल्ले से प्रयोग होता पाया। टीम ने फैक्टरी को सील कर दिया। वहीं, जिलाधिकारी के आदेश पर फैक्टरी पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
शनिवार शाम पुलिस व कृषि विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से खरखौदा के धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद श्रीजी इंडस्ट्रीज पर छापा मारा। गोंद का पाउडर बनाने वाली इस फैक्टरी में सरकार द्वारा किसानों को सब्सिडी पर दिए जाने वाली यूरिया का कच्चे माल के रूप में धड़ल्ले से प्रयोग होता मिला। जबकि सरकार के निर्देश के अनुसार किसी भी औद्योगिक इकाई में कच्चे माल के रूप में यूरिया का प्रयोग निषेध है। यदि उसे प्रयोग भी करना है तो कंपनी को टेक्निकल ग्रेड यूरिया खरीदना होगा, जिसका मूल्य प्रति बैग 2500 से 3000 रुपये तक है। लेकिन उक्त फैक्टरी में 266.50 रुपये के अनुदानित यूरिया का प्रयोग होता पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी में गम यानि गोंद का पाउडर बनाया जाता है। परंतु इसे बनाने में अनुदानित यूरिया का प्रयोग किया जा रहा था, जो कि नियमानुसार गलत है।
छापे के दौरान फैक्टरी मालिक फरार हो गया। टीम ने फैक्टरी को सील करते हुए जिलाधिकारी की अनुमति के बाद कंपनी मालिक के खिलाफ खरखौदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार शाम पुलिस व कृषि विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से खरखौदा के धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद श्रीजी इंडस्ट्रीज पर छापा मारा। गोंद का पाउडर बनाने वाली इस फैक्टरी में सरकार द्वारा किसानों को सब्सिडी पर दिए जाने वाली यूरिया का कच्चे माल के रूप में धड़ल्ले से प्रयोग होता मिला। जबकि सरकार के निर्देश के अनुसार किसी भी औद्योगिक इकाई में कच्चे माल के रूप में यूरिया का प्रयोग निषेध है। यदि उसे प्रयोग भी करना है तो कंपनी को टेक्निकल ग्रेड यूरिया खरीदना होगा, जिसका मूल्य प्रति बैग 2500 से 3000 रुपये तक है। लेकिन उक्त फैक्टरी में 266.50 रुपये के अनुदानित यूरिया का प्रयोग होता पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी में गम यानि गोंद का पाउडर बनाया जाता है। परंतु इसे बनाने में अनुदानित यूरिया का प्रयोग किया जा रहा था, जो कि नियमानुसार गलत है।
विज्ञापन
छापे के दौरान फैक्टरी मालिक फरार हो गया। टीम ने फैक्टरी को सील करते हुए जिलाधिकारी की अनुमति के बाद कंपनी मालिक के खिलाफ खरखौदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन