Exclusive: 90 दिन में मेरठ को मिलेगी एक्सप्रेसवे, हाईवे और आईटी पार्क की सौगात, दो प्रोजेक्ट इसी साल होंगे पूरे
- एक्सप्रेसवे व आईटी पार्क को इसी साल पूरा करने का तय किया लक्ष्य
- गंगा एक्सप्रेसवे और मेरठ-गढ़ हाईवे का काम भी हो सकता है शुरू
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वर्ष-2020 खत्म होने में सिर्फ 90 दिन बचे हैं। सब कुछ ठीक रहा तो साल के अंत तक मेरठ को एक हाईवे, एक एक्सप्रेसवे और आईटी पार्क की सौगात मिल जाएगी। हालांकि ये सभी प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ-गढ़ हाईवे का शिलान्यास भी हो सकता है। दिल्ली-मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल का काम भी तेज गति से चल रहा है। इसे 2025 में पूरा किया जाना है।
शहर के चारों ओर हाईवे का जाल बिछाया जा रहा है। दिल्ली से मेरठ की दूरी कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इनका लाभ शहरवासियों को मिलने लगेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को छोड़कर अन्य किसी प्रोजेक्ट में अभी कहीं विवाद नहीं है। इस प्रोजेक्ट में किसान एकसमान मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।
हालांकि, प्रशासन ने जल्द ही इस विवाद को निपटाने का आश्वासन दिया है। दिल्ली से मेरठ की दूरी कम होने से यहां के उद्योगों को रफ्तार मिलेगी। आसपास के पर्यटक स्थलों को भी लाभ मिलने के आसार हैं। अभी महाभारतकालीन नगरी हस्तिनापुर पहुंचने के लिए पर्यटकों को सोचना पड़ता है। रास्ता सुगम होने के बाद दिल्ली आने वाले लोग मेरठ का भी रुख करेंगे।
चार चरणों में बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट का काम लगभग पूरा है। चौथे चरण में मेरठ से डासना तक का काम करीब 78 प्रतिशत पूरा हो चुका है। किसानों के आंदोलन के कारण काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। हालांकि, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसे दिसंबर-2020 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इसके पूरा होने पर सरायकाले खां से मेरठ तक का सफर एक से डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा।
मेरठ-बुलंदशहर हाईवे
इस 61 किमी के प्रोजेक्ट को पूरा किया जा चुका है। इस पर वाहन फर्राटा भी भर रहे हैं। हालांकि, अभी इसका औपचारिक लोकार्पण नहीं हो सका है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कोरोना संक्रमित होने केे कारण कार्यक्रम को टालना पड़ा था। मेरठ के हापुड़ रोड से शुरू हुआ ये प्रोजेक्ट चार लेन तैयार किया गया है। इससे दिल्ली और लखनऊ की ओर जाने वाले लिंक हाईवे पर भी आसानी से अब जा सकते हैं।
रैपिड रेल
एनसीआरटीसी द्वारा बनाए जा रहे रैपिड रेल प्रोजेक्ट की गति काफी तेज है। एक-दो स्थानों पर अगर जमीन के मामलों को छोड़ दें तो एनसीआरटीसी तेजी से काम कर रहा है। वर्ष-2025 तक दिल्ली से मेरठ तक का सफर मात्र 55 मिनट में पूरा हो सकेगा। मेरठ क्षेत्र में भी इसका काम शुरू हो चुका है।
गंगा एक्सप्रेसवे
देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे (गंगा एक्सप्रेसवे) का दावा करने वाली सरकार इसका शिलान्यास दीवाली पर करना चाहती है। इसके लिए अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। 594 किमी के इस प्रोजेक्ट को मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जाना है।
आईटी पार्क
वेदव्यासपुरी में एनएच-58 पर आईटी पार्क बनकर तैयार है। यहां अंतिम चरण में फिनिशिंग का काम किया जा रहा है। पिछले दिनों हुए निरीक्षण के बाद यहां कंपनियों को बुलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया जाना है। दिसंबर-2020 तक यह भी चालू हो जाएगा।
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