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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Exclusive: bill is being collected from farmers arbitrarily in Excuse of software, 28 crores taken from 19500 farmers

Exclusive: साॅफ्टवेयर का बहाना, बिल वसूला जा रहा मनमाना, 19500 किसानों से लिए 28 करोड़

Thu, 23 Jun 2022 11:32 AM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, अमर उजाला, बागपत
मुकेश पंवार, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 23 Jun 2022 11:32 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में विद्युत निगम गलत फीडिंग के कारण पिछले 14 वर्षों से आधा हॉर्स पावर अधिक चार्ज कर रहा है। बड़ौत और बिनौली ब्लॉक में ही अब तक 19,500 किसानों से 28 करोड़ से अधिक रुपये लिए गए हैं।

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Exclusive:  bill is being collected from farmers arbitrarily in Excuse of software, 28 crores taken from 19500 farmers
बिजली बिल। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में नलकूप कनेक्शन साढ़े सात हॉर्स पावर का है लेकिन बिल बनाया जा रहा आठ का, यही स्थिति 12.5 हॉर्स पावर के कनेक्शन की भी है, उसका भी 13 हॉर्स पावर का बिल वसूला जा रहा है। एक दो-नहीं बल्कि पिछले करीब 14 सालों से ऐसा हो रहा है। अब तक बड़ौत और बिनौली ब्लाक के ही 19,500 किसानों से 28 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि विद्युत निगम वसूल चुका है। पूरे जिले की धनराशि तो और भी अधिक बैठती है।
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इसके पीछे बिल बनाने वाले साफ्टवेयर का बहाना बनाया जा रहा है। विद्युत निगम के कंप्यूटर सिस्टम में न तो साढ़े बारह हॉर्स पावर का प्रावधान है और न ही साढ़े सात हॉर्स पावर का। इनकी जगह 13 और आठ हॉर्स पावर का बिल बना देता है।
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पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम क्षेत्र में मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बिजनौर और अमरोहा आदि 14 जिले आते हैं। वहां का आंकड़ा भी लिया जाए तो काफी अधिक धनराशि हो जाती हैं। वर्ष 2008 से साफ्टवेयर इसी तरह से बिल बना रहा है।
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हर उपभोक्ता से प्रतिमाह 85 रुपये अधिक लिए जा रहे
एक हॉर्स पावर की कीमत इस समय 170 रुपये हैं। नियमानुसार यदि कोई नलकूप उपभोक्ता 12.5 हॉर्स पावर के हिसाब से बिल जमा करता है, तो उससे लगभग 2,125 रुपये देने चाहिए, लेकिन उससे लगभग 2,210 रुपये लिए जाते हैं। यानी एक उपभोक्ता से लगभग 85 रुपये अधिक।

छूूट का भी नहीं मिल रहा फायदा
मुख्यमंत्री ने भले ही निजी नलकूपों के बिजली बिलों पर गत जनवरी से 50 फीसदी की छूट कर दी हो, लेकिन अभी भी इन किसानों को इसका फायदा नहीं पहुंच रहा है।

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किसानों का हो रहा शोषण
वर्ष 2008 में विद्युत निगम के अफसरों ने मनमानी कर विद्युत दरें साढ़े 12 हॉर्स पावर कर दी थीं, जबकि सूबे के अन्य जनपदों में पांच से सात हॉर्स पावर के ही कनेक्शन चल रहे हैं। - विक्रम आर्य, किसान नेता

नहीं हुई सुनवाई तो होगा आंदोलन
यदि विद्युत निगम ने इस मनमानी को जल्दी बंद नहीं किया तो क्षेत्र का किसान आंदोलन शुरू कर देगा। - राजेंद्र चौधरी, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत सदस्य

कंप्यूटर सिस्टम में साढ़े बारह हॉर्स पावर का नहीं है प्रावधान
अधीक्षण अभियंता रणविजय सिंह और अधिशासी अभियंता प्रथम गोपाल के अनुसार विद्युत निगम के कंप्यूटर सिस्टम में साढ़े बारह हॉर्स पावर और साढ़े सात हॉर्स पावर का प्रावधान नहीं है। ऐसी स्थिति में किसानों को आधा हॉर्स पावर अधिक बिल देना पड़ रहा है।

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