आबकारी विभाग ने शुरू की निगरानी तो शराब छिपाने के लिए माफिया अपना रहे ये तरीका, आप भी रहें सतर्क
- खुद के गोदाम आबकारी विभाग की नजरों में आने के बाद बदला पैंतरा
- मकान मालिक को कार्रवाई की जद में लाने की तैयारी कर रहा विभाग
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मेरठ में शराब तस्करों पर निगरानी बढ़ाये जाने के बाद माफिया सतर्क हो गए हैं। वह तस्करी कर लाई गई शराब छिपाने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। आबकारी विभाग के अनुसार, माफिया किराए के मकान लेकर वहां अवैध शराब छिपा रहे हैं। ऐसे में विभाग मकान मालिक को कार्रवाई की जद में लाने की तैयारी कर रहा है।
अवैध शराब की तस्करी की शिकायतों के बीच पिछले दिनों आबकारी और पुलिस विभाग ने शराब माफिया के खिलाफ अभियान चलाया था। अकेले आबकारी विभाग ने 47 शराब तस्करों को जेल भेजा था। उनके शराब छिपाने के अड्डों को भी ध्वस्त किया था।
आबकारी विभाग और पुलिस की सख्ती के बाद कुछ दिन शराब माफिया शांत रहे। अब उन्होंने दोबारा अवैध शराब का धंधा शुरू कर दिया है। इस बार वह प्लानिंग के तहत किराए के मकान लेकर उनमें अवैध शराब छिपा रहे हैं।
आबकारी विभाग के अनुसार, पिछली कुछ कार्रवाई में ऐसा देखने को मिला है। अच्छे पैसे मिलने के लालच में लोग आसानी से इन लोगों को मकान किराये पर दे रहे हैं। जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि तस्करी को रोकने के लिए कई माफिया के शराब छिपाने के अड्डे ध्वस्त किये गए थे।
अब शराब माफिया लोगों को फंसाकर उनके घरों में संरक्षण ले रहे हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए घर से शराब मिलने पर माफिया के साथ गृहस्वामी को भी नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। अभी तक लोग अलग पोर्शन बताकर बच जाते थे।
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