Excavation: हस्तिनापुर में खोदाई में ऐतिहासिक महत्व की 1500 वस्तुएं मिलीं, संदूक में हुईं बंद,नहीं बन सका संग्रहालय
हस्तिनापुर में पांच एकड़ जमीन में राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी लेकिन ये सिर्फ हवाई दावे साबित हो रहे हैं। संग्रहालय बनाने के लिए केवल जमीन चिह्नित करने तक तक ही बात पहुंची है। शासन और प्रशासन के बीच वार्ता नहीं हो पा रही है।
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इन्हें सरंक्षित करने के लिए अब कोई भी स्थान पुरातत्व विभाग के पास नहीं बचा है। इन सभी पुरातत्ववशेषों को संदूक में बंद करके रख दिया गया है। ये हाल तब है जबकि तीन वर्ष पहले केंद्र सरकार ने हस्तिनापुर में साइट म्यूजियम बनाने की घोषणा की थी।
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पांच एकड़ जमीन पर बनना है संग्रहालय
साल 2020 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हस्तिनापुर को पांच आइकोनिक साइट में शामिल किया था। यहां पांच एकड़ जमीन में राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी लेकिन सिर्फ जमीन चिह्नित करने तक तक ही बात पहुंची है। शासन और प्रशासन के बीच वार्ता नहीं हो पा रही है। पुरातत्व विभाग ने हस्तिनापुर में जयंती माता मंदिर के पास संग्रहालय के लिए जमीन चिह्नित की है।
लगभग तीन हजार 500 वर्ष पहले के अवशेष
अब तक संग्रहालय बन जाना चाहिए था। एक महीने पहले हुई खोदाई में मध्यकालीन युग तक के पुरातत्व अवशेष मिले है। लगभग तीन हजार 500 वर्ष पहले के अवशेष है। इन्हें दिखाने के लिए अब तक संग्रहालय तैयार हो जाना था। हमारी ओर से पांच एकड़ जमीन चिह्नित कर जिला प्रशासन को बता दी गई है। - टीबी गणनायक, पुरातत्वविद, मेरठ सर्किल
जल्द संग्रहालय बनाना जरुरी, लौटेगा महत्व
पहले से ही हस्तिनापुर का पौराणिक और एतिहासिक महत्व रहा है। खोदाई में पुरातत्व विभाग को गुप्तकाल, मध्यकाल के पुरातत्व अवशेष मिल रहे हैं तो जल्द संग्रहालय बनाया जाना जरुरी है। -डा. अनीता गोस्वामी, प्रोफेसर, इतिहास विभाग, शहीद मंगल पांडे कॉलेज