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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Excavation: 1500 objects of historical importance were found in the excavation in Hastinapur, museum could not be built

Excavation: हस्तिनापुर में खोदाई में ऐतिहासिक महत्व की 1500 वस्तुएं मिलीं, संदूक में हुईं बंद,नहीं बन सका संग्रहालय

Mon, 23 May 2022 01:14 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 23 May 2022 01:14 PM IST
सार

हस्तिनापुर में पांच एकड़ जमीन में राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी लेकिन ये सिर्फ हवाई दावे साबित हो रहे हैं। संग्रहालय बनाने के लिए केवल जमीन चिह्नित करने तक तक ही बात पहुंची है। शासन और प्रशासन के बीच वार्ता नहीं हो पा रही है।

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Excavation: 1500 objects of historical importance were found in the excavation in Hastinapur, museum could not be built
हस्तिनापुर में खोदाई में मिली वस्तुएं - फोटो : amar ujala

विस्तार

महाभारतकालीन नगरी हस्तिनापुर में पांडव टीले की खोदाई में गुप्तकालीन, मध्यकालीन, मुगलकालीन पुरातत्व अवशेष मिल रहे हैं। अभी तक 1500 वस्तुएं मिल चुकी हैं। इसमें कपड़े प्रिटिंग के हस्तचलित मशीन, तीर, हुक्का, चिलम, बेबी फीडिंग, सुराही, टेराकोटा के मनके, पत्थर से बने उपकरण आदि शामिल है।
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इन्हें सरंक्षित करने के लिए अब कोई भी स्थान पुरातत्व विभाग के पास नहीं बचा है। इन सभी पुरातत्ववशेषों को संदूक में बंद करके रख दिया गया है। ये हाल तब है जबकि तीन वर्ष पहले केंद्र सरकार ने हस्तिनापुर में साइट म्यूजियम बनाने की घोषणा की थी।
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पांच एकड़ जमीन पर बनना है संग्रहालय
साल 2020 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हस्तिनापुर को पांच आइकोनिक साइट में शामिल किया था। यहां पांच एकड़ जमीन में राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी लेकिन सिर्फ जमीन चिह्नित करने तक तक ही बात पहुंची है। शासन और प्रशासन के बीच वार्ता नहीं हो पा रही है। पुरातत्व विभाग ने हस्तिनापुर में जयंती माता मंदिर के पास संग्रहालय के लिए जमीन चिह्नित की है। 

लगभग तीन हजार 500 वर्ष पहले के अवशेष
अब तक संग्रहालय बन जाना चाहिए था। एक महीने पहले हुई खोदाई में मध्यकालीन युग तक के पुरातत्व अवशेष मिले है। लगभग तीन हजार 500 वर्ष पहले के अवशेष है। इन्हें दिखाने के लिए अब तक संग्रहालय तैयार हो जाना था। हमारी ओर से पांच एकड़ जमीन चिह्नित  कर जिला प्रशासन को बता दी गई है। - टीबी गणनायक, पुरातत्वविद, मेरठ सर्किल 


जल्द संग्रहालय बनाना जरुरी, लौटेगा महत्व
पहले से ही हस्तिनापुर का पौराणिक और एतिहासिक महत्व रहा है। खोदाई में पुरातत्व विभाग को गुप्तकाल, मध्यकाल के पुरातत्व अवशेष मिल रहे हैं तो जल्द संग्रहालय बनाया जाना जरुरी है। -डा. अनीता गोस्वामी, प्रोफेसर, इतिहास विभाग, शहीद मंगल पांडे कॉलेज

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