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सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल, यूपी का ये मुस्लिम परिवार 10 साल से बना रहा रावण के पुतले
यूपी डेस्क, अमर उजाला, शामली
Updated Thu, 18 Oct 2018 04:35 PM IST
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रावण का पुतला बनाता मुस्लिम परिवार
- फोटो : अमर उजाला
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आस्था से जुड़ी रामलीला में सांप्रदायिक सौहार्द भी कायम है। दशहरा पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा। पुतलों का निर्माण मुजफ्फरनगर के बघरा निवासी मोहम्मद कय्यूम का परिवार करता है, जो इस कार्य को बीते 10 साल से करता आ रहा है।
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यह परिवार मूलरूप से मुजफ्फरनगर के गांव काकड़ा का रहने वाला है, लेकिन काफी समय से बघरा में रहता है। मोहम्मद कय्यूम ने बताया कि उसके पिता रियाजुद्दीन भी रामलीला के दौरान दहन किए जाने वाले पुतले बनाने का कार्य करते थे। उसने अपने रिश्तेदार मोहम्मद आफताब, परवेज और जावेद से पुतले बनाने सीखे, जो खतौली के रहने वाले हैं और इन दिनों जालंधर में पुतले बनाने का कार्य करते हैं।
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मोहम्मद कय्यूम ने बताया कि शामली के हनुमान धाम पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाने के लिए वह गत माह 19 सितंबर को यहां आए थे। करीब एक महीने का समय पुतले बनाने में लग जाता है। उन्होंने बताया कि पुतले बनाने में जितना पैसा मिलता है, उसमें से खर्च के बाद करीब पांच से छह हजार रुपये ही बच पाते हैं। रामलीला के दौरान हर साल वह पुतले बनाता है, लेकिन बाकी समय में हुक्के बांधने का कार्य करता है।
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मोहम्मद कय्यूम ने बताया कि पुतले बनाने में उसकी पत्नी, बेटा और बेटियां भी सहयोग करती हैं। पूरा परिवार मिल जुलकर पुतले बनाता है। परिवार का एक सदस्य बांस को काटकर ढांचा तैयार करता है, तो दूसरा उस पर कागज लगाने और रंगाई का कार्य करता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शामली के लोग काफी अच्छे हैं। यहां रहकर पुतले बनाने में कभी परेशानी महसूस नहीं हुई।
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