आईएसआई को गोपनीय जानकारी भेजता था पूर्व सैनिक सौरभ, साक्ष्य जुटाने के बाद एटीएस ने कसा शिकंजा
- एटीएस मेरठ ने हापुड़ से सौरभ तो दूसरी टीम ने गोधरा से उसके साथी अनस को धरा
- एक माह से सौरभ पर नजर रखे थी एटीएस मेरठ की टीम, जमा कर रही थी सुबूत
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एटीएस की विशेष टीम करीब एक माह से पूर्व सैनिक सौरभ पर निगाह रखने के साथ उसके खिलाफ ठोस सुबूत जुटाने में लगी थी। हापुड़ के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के बिहुनी गांव निवासी सौरभ शर्मा करीब छह माह पहले ही सेना से सेवानिवृत्त हुआ था। सौरभ के पिता ओमदत्त शर्मा की मौत हो चुकी है।
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जांच पड़ताल और गोपनीय साक्ष्य जुटाने में एटीएस के साथ अन्य जांच एजेंसी भी काम कर रही थी। जांच में सामने आया है कि सौरभ व्हाट्सएप और इंटरनेट कॉल के माध्यम से जासूसी कर रहा था। 15 दिन पहले भी एटीएस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद से लगातार एटीएस सुबूत जुटाने में लगी थी और साक्ष्य जुटाने के बाद उस पर शिकंजा कस दिया।
वहीं, एटीएस ने आरोपी सौरभ के बैंक खातों की जांच पड़ताल भी शुरू कर दी है। एटीएस की टीम जब उसके गांव में पहुंची तो परिवार और गांव के लोगों को यह भनक तक नहीं लगी कि यह टीम एटीएस की है और उसके साथ एक जांच एजेंसी के अधिकारी भी शामिल थे।
गांव में विरोध न हो इसलिए परिवार और आसपास के लोगों से बताया गया कि सौरभ का पत्नी से विवाद है, जिसे पूछताछ के लिए बहादुरगढ़ थाने ले जाया जाएगा। पूर्व सैनिक सौरभ के पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन और मेमोरी कार्ड बरामद किए हैं, जिनकी गहनता से जांच चल रही है। बताया गया कि मोबाइल से अहम साक्ष्य मिले हैं।