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मेहनत से सब हासिल किया जा सकता है : चिन्मयानंद बापू
Sat, 25 Oct 2025 09:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 25 Oct 2025 09:57 PM IST
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सदर भैसाली ग्राउंड में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सदर भैसाली ग्राउंड में आयोजित कथा के प्रथम दिन चिन्मयानंद बापू ने कहा कि दुनिया में मेहनत और निष्ठा से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। सच्चे संत का मिलना और भगवत कथा सुनना कैलाश मानसरोवर की यात्रा से कम नहीं है। सनातन धर्म एकमात्र ऐसा धर्म है जो जीने और मरने दोनों की कला सिखाता है।
उन्होंने कहा कि सत्संग में आकर मनुष्य कुछ घंटों के लिए संसार की चिंताओं को भूलकर परमात्मा में लीन हो जाता है। मानसिक तनाव दूर होकर मन को शांति और सात्विक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने टीवी या मोबाइल पर कथा सुनने और प्रत्यक्ष कथा श्रवण के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि वास्तविक कथा में बैठकर जो ऊर्जा मिलती है वह डिजिटल माध्यम से संभव नहीं है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विषय में बताते हुए कहा वहां बैठा हर कोई सात्विक हो जाता है। जीवन में चार दुख चिंता, मोह, पाप और वेदना हर व्यक्ति को परेशान करते हैं। खासकर मृत्यु के समय, लेकिन भागवत कथा सुनने वाला इन दुखों में भी प्रसन्न रहता है। आत्मा शरीर की तरह कपड़े बदलती रहती है। भगवान को भोग लगाने से मिठाई प्रसाद बन जाती है।
भागवत कथा के प्रथम दिन यजमान अमित गर्ग रहे। दीप प्रज्ज्वलन संयुक्त व्यापार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल ने किया। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, कुसुम शास्त्री, विक्रत शास्त्री रहे। कथा पूर्व एमपीएस के विद्यार्थियों ने भजनों के साथ ओम नम: भगवते वासुदेवा का पाठ किया जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल इस दौरान मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सदर भैसाली ग्राउंड में आयोजित कथा के प्रथम दिन चिन्मयानंद बापू ने कहा कि दुनिया में मेहनत और निष्ठा से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। सच्चे संत का मिलना और भगवत कथा सुनना कैलाश मानसरोवर की यात्रा से कम नहीं है। सनातन धर्म एकमात्र ऐसा धर्म है जो जीने और मरने दोनों की कला सिखाता है।
उन्होंने कहा कि सत्संग में आकर मनुष्य कुछ घंटों के लिए संसार की चिंताओं को भूलकर परमात्मा में लीन हो जाता है। मानसिक तनाव दूर होकर मन को शांति और सात्विक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने टीवी या मोबाइल पर कथा सुनने और प्रत्यक्ष कथा श्रवण के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि वास्तविक कथा में बैठकर जो ऊर्जा मिलती है वह डिजिटल माध्यम से संभव नहीं है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विषय में बताते हुए कहा वहां बैठा हर कोई सात्विक हो जाता है। जीवन में चार दुख चिंता, मोह, पाप और वेदना हर व्यक्ति को परेशान करते हैं। खासकर मृत्यु के समय, लेकिन भागवत कथा सुनने वाला इन दुखों में भी प्रसन्न रहता है। आत्मा शरीर की तरह कपड़े बदलती रहती है। भगवान को भोग लगाने से मिठाई प्रसाद बन जाती है।
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भागवत कथा के प्रथम दिन यजमान अमित गर्ग रहे। दीप प्रज्ज्वलन संयुक्त व्यापार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल ने किया। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, कुसुम शास्त्री, विक्रत शास्त्री रहे। कथा पूर्व एमपीएस के विद्यार्थियों ने भजनों के साथ ओम नम: भगवते वासुदेवा का पाठ किया जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल इस दौरान मौजूद रहे।
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