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आवासीय पट्टे आवंटित होने के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिला
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सरधना। दौराला ब्लॉक के समौली-सलेमपुर गांव निवासी हिवाल कांबोज ने बृहस्पतिवार को एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में भूमि घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। बताया कि गांव के कई लोगों को वर्ष 1975 में आवासीय पट्टे आवंटित किए गए थे, लेकिन लाभार्थियों को जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका।
शिकायत में बताया कि वर्ष 1975 में गांव के शम्मू, बलवंत, विद्याराम, जगराम और रविंद्र को आवासीय पट्टे आवंटित हुए थे, परंतु इनमें से कोई भी आज तक उस भूमि पर काबिज नहीं हुआ। आरोप है कि गांव के दो लोगों ने पुराने पट्टों की फर्जी रसीदों के आधार पर नकली वसीयतें बनाकर खसरा संख्या 101 की भूमि की रजिस्ट्री करवा ली। हिवाल कांबोज का कहना है कि न तो मूल पट्टाधारकों ने कभी जमीन पर कब्जा किया और न ही रजिस्ट्री के लिए कोई सरकारी स्वीकृति ली गई।
बलवंत के परिजन लगभग 40 वर्ष पहले गांव छोड़ चुके हैं। वहीं विद्याराम की कोई संतान नहीं है। शम्मू और जगराम की भी पहले ही मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैनामे कराए गए हैं। हिवाल ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया तो आरोपियों ने उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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शिकायत में बताया कि वर्ष 1975 में गांव के शम्मू, बलवंत, विद्याराम, जगराम और रविंद्र को आवासीय पट्टे आवंटित हुए थे, परंतु इनमें से कोई भी आज तक उस भूमि पर काबिज नहीं हुआ। आरोप है कि गांव के दो लोगों ने पुराने पट्टों की फर्जी रसीदों के आधार पर नकली वसीयतें बनाकर खसरा संख्या 101 की भूमि की रजिस्ट्री करवा ली। हिवाल कांबोज का कहना है कि न तो मूल पट्टाधारकों ने कभी जमीन पर कब्जा किया और न ही रजिस्ट्री के लिए कोई सरकारी स्वीकृति ली गई।
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बलवंत के परिजन लगभग 40 वर्ष पहले गांव छोड़ चुके हैं। वहीं विद्याराम की कोई संतान नहीं है। शम्मू और जगराम की भी पहले ही मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैनामे कराए गए हैं। हिवाल ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया तो आरोपियों ने उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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