विकास की बात: मेरठ में यूरोपियन शैली में बनेंगे बस शेल्टर, आठ करोड़ से होगा इन 10 स्टाॅपेज का कायाकल्प
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) आठ करोड़ रुपये से बस स्टाॅपेज पर शेल्टरों का कायाकल्प करेगा। इसके लिए 10 स्थान चिन्हित किए गए हैं। जल्द ही ये बस स्टाॅप यूरोपियन शैली में बने शेल्टरों से जगमगाते नजर आएंगे।
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मेरठ में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन ( जेएनएनयूआरएम ) के तहत रोडवेज सिटी बसों के शेल्टर जल्द ही जगमगाएंगे। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) आठ करोड़ रुपये से शेल्टरों का कायाकल्प करेगा। यूरोपियन शैली के ये शेल्टर बेहद आकर्षक होंगे। स्टॉपेज पर बेंच और छत भी आधुनिक होगी।
इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सितंबर महीने में यह काम पूरा हो सकता है। मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एमसीएसएल) की ओर से बस स्टॉपेज के सौंदर्यीकरण की मांग की गई थी।
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मेडा ने इसे स्वीकार करते हुए तीन करोड़ रुपये से दस बस अड्डों की सूरत बदलने पर स्वीकृति दी। मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि एमसीटीएसएल में मेडा की 33 फीसदी हिस्सेदारी है। इससे पहले कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में 27 दिसंबर को हुई एमसीटीएसएल की बैठक में दिशा-निर्देश दिए गए थे।
अप-डाउन 20 स्थलों पर अवस्थापना निधि के तहत शेल्टर बनाने का प्रस्ताव है। इस पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज, तेजगढ़ी चौराहा, पीवीएस मॉल, आंबेडकर डिग्री कॉलेज/सीसीएस यूनिवर्सिटी, नई सड़क, सोहराब गेट, हापुड़ अड्डा, ईव्ज चौराहा, बच्चा पार्क और बेगमपुल/लालकुर्ती चौराहे का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी हो चुके हैं।