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Meerut News: रोजाना 10 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रहे जिले के उद्यमी

Sun, 27 Oct 2024 01:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Sun, 27 Oct 2024 01:29 AM IST
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Entrepreneurs of the district are facing loss of Rs 10 crore daily
शामली। एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप का दूसरा चरण लागू होने से औद्योगिक इकाइयों पर भी गहरा प्रभाव पड़ रहा है। हर रोज करीब दस करोड़ का नुकसान होने का दावा किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि आईजीएल का कनेक्शन सिर्फ एक उद्यमी के पास है वहीं जेनरेटर में लगने वाला कोट मांग के बावजूद नोएडा, फरीदाबाद और अन्य शहरों से नहीं मिल पा रहा है। जिसको लेकर उद्यमी असमंजस की स्थिति में है।
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एनसीआर समेत विभिन्न स्थानों पर लगातार पराली जलाने के मामले बढ़ रहे हैं, जिसके कारण पिछले तीन दिन से मौसम में स्मॉग छाया हुआ है। जिसके चलते ग्रैप का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। शामली समेत एनसीआर क्षेत्र में डीजल जेनरेटर के उपयोग पर रोका लगा दी गई है। ऐसे में जिले के 300 में से 200 औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन बाधित हो गया है। उद्यमियों के अनुसार, ग्रैप के मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं कर पाने के कारण हर रोज उद्यमियों को 10 करोड़ का नुकसान हो रहा है। आने वाले दिनों में यह नुकसान और भी अधिक बढ़ सकता है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार को ऐसा तरीका निकालना चाहिए, जिससे उनका नुकसान भी नहीं हो।
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nआईजीएल की लाइन नहीं, कोट मिल नहीं पा रहा : बर्तन तैयार कराने वाले उद्यमी अमित जैन का कहना है कि शामली में अभी तक आईजीएल की लाइन नहीं बिछ पाई है, जिसके कारण वह गैस से उद्योगों को नहीं चला पा रहे हैं। दूसरा सबसे बड़ी परेशानी यह हो रही है कि जेनरेटर में प्रदूषण कम करने के लिए जो कोट लगाया जाता है, उसकी कीमत करीब चार लाख है, जो नोएडा और फरीदाबाद में नहीं मिल पा रहा है।
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उद्यमी रोहित गर्ग का कहना है कि कोट खरीदना हर किसी के बश की बात नहीं है। आईजीएल का कनेक्शन लेने में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि आवेदन करने के तीन से चार माह बाद मिला है।
n100 के करीब उद्योग ही लगवा पाए कोट : जिले की यदि बात की जाए तो यहां पर 350 के करीब उद्यौगिक इकाईयां है। जिनमें से 100 के करीब ही जनरेट में प्रदूषण कम करने के लिए कोट लगवा पाए हैं, हालांकि कुछ ने आवेदन किया हुआ है मगर उन्हें कोट नहीं मिल पा रहे हैं। जिसके कारण बिजली गुल होने पर जनरेटर नहीं चलने से उद्यमियों को नुकसान हो रहा है।
nविदेशों में सप्लाई होते हैं शामली में बनाए गए प्रोडक्ट : शामली में तैयार रिम धुरा, माचिस, अगरबत्ती, पेपर, गैस के चूल्हे, प्लास्टिक के पाइप, चम्मच आदि प्रोडेक्ट फ्रांस, इंग्लैंड, अमेरिका, ब्राजील के अलावा कीनिया, नाइजीरिया यूरोपियन देशों में सप्लाई किए जाते हैं। कुछ समय पूर्व ही कैरियर व्हील द्वारा तैयार ट्रैक्टर का स्टील का एलॉय व्हील बनाया गया था, जिसे सरकार ने भी पेटेंट दिया था। जो स्टाइलिश है, जिसकी मांग देशभर में है।

कनेक्शन के दाम घटे तो मुसीबत हो कम : आईआईए के पूर्व अध्यक्ष अनुज गर्ग का कहना है कि आईजीएल के कनेक्शन के दाम कम होने चाहिए। साथ ही जेनरेट में लगने वाला कोट पर सब्सिडी मिलनी चाहिए।
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