एनकाउंटर: इस गैंग का शॉर्प शूटर था राकेश, पुलिस को चकमा देकर होता रहा फरार, मां बोली- मुठभेड़ फर्जी
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कुख्यात राकेश यादव संजीव जीवा व बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी गैंग के शार्प शूटर के रूप में चर्चित रहा। रोहित की जीवा व बजरंगी गैंग के साथ दोस्ती उस समय परवान चढ़ी थी, जब वह फैजाबाद व मैनपुरी जेल में बंद हुआ था। यहीं से संजीव जीवा, भूपेंद्र बाफर व रोहित गैंग एक साथ आए, जिसके बाद सूचीबद्ध माफिया सरगना सुशील मूंछ की हत्या की साजिश रची गई।
इसी साजिश के तहत रोहित को दो जुलाई को दरोगा दुर्गविजय सिंह की हत्या कर अभिरक्षा से फरार कराया गया। ऐसी चर्चा रही कि सुशील मूंछ की हत्या के लिए करोड़ों की सुपारी दी गई थी, लेकिन इस बारे में अफसर कुछ भी कहने से बचते रहे।
अमर उजाला ने सुशील मूंछ के खिलाफ संजीव जीवा, भूपेंद्र बाफर व रोहित के गठजोड़ को लेकर पहले चार और फिर सात जुलाई को खबरों के माध्यम से आतंक के इस नए गठजोड़ का खुलासा कर दिया था।
मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया अयोध्या निवासी राकेश यादव (24) हैदरगंज जिले में हुई लूट की कई वारदातों में शामिल था। जिले के कई थानों में उसके खिलाफ तमाम केस दर्ज हैं। वह जिले का टॉप टेन अपराधी भी था।
हालांकि राकेश के खिलाफ हैदरगंज थाने में कोई केस नहीं दर्ज था, जिसका फायदा उठाकर वह दूसरे जिलों में अपराध करके अपने साथियों के साथ गांव में शरण लेता था। हालांकि पुलिस उस पर निगरानी का दावा करती थी मगर वह गांव में कई बार लग्जरी वाहनों के साथ देखा गया। गांव के युवक बताते हैं कि गांव आकर राकेश खूब रौब झाड़ता था।
पिछले साल एसटीएफ द्वारा की गई छापेमारी के बाद भी गांव के लोगों व राकेश के परिजनों को उसके बड़े अपराधी होने का आभास नहीं था। लोगों के अनुसार वह अक्सर लग्जरी वाहन से घर आता था, इस दौरान कुछ अन्य युवक भी उसके साथ होते थे। वह अक्सर घर पर रुकता भी था। वहीं स्थानीय थाने व बाहर की पुलिस उसकी तलाश में अक्सर छापेमारी करती थी लेकिन वह हाथ नहीं आता था।