Encounter: सीने और माथे को छलनी करके दिया दरोगा को गोली मारने का जवाब, पुलिस पर की फायरिंग तो मिली मौत
मेरठ में दरोगा को गोली मारने वाले बदमाश को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। मुठभेड़ के दौरान ढेर होने वाला आरोपी गैंगस्टर समेत छह मुकदमों का आरोपी था। एसएसपी ने दो दिन पहले उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ में सेंट्रो लूट के दौरान चौकी इंचार्ज मुन्नेश सिंह को सीने में गोली मारकर पुलिस के इकबाल को चुनौती देने वाले विनय वर्मा (30) को पुलिस ने दो गाेलियों से जवाब दिया। एक गोली उसके सीने में लगी और दूसरी ने माथे को छलनी कर दिया। 11 दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया विनय वर्मा गैंगस्टर समेत आठ मुकदमों में आरोपी था।
दो दिन पहले बदमाशों की पहचान होने पर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने उन पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।
बुलंदशहर के खुर्जा निवासी मोहर सिंह 23 जनवरी की रात किराए पर सोनू सैनी की सेंट्रो कार से शादी समारोह में आए थे। सोनू गाड़ी में सो रहा था, इसी बीच तीन बदमाशों ने उसे गन प्वाइंट पर लेकर गाड़ी लूट ली थी। सूचना पर चौकी प्रभारी मुन्नेश सिंह कसाना, दरोगा सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल परवेंद्र मलिक, सचिन खैवाल और कांस्टेबल रविंद्र ने गाड़ी में लगे जीपीएस के आधार पर बदमाशों का पीछा करना शुरू किया था। बदमाश कई घंटे तक शहर में घूमने के बाद सुबह साढ़े तीन बजे श्रद्धापुरी फेस टू के पीछे लाला मोहम्मदपुर नाले पर पहुंच गए थे।
पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी करते हुए एक को पकड़ लिया था। जिस पर उसके साथियों ने चौकी इंचार्ज मुन्नेश सिंह को सीने में गोली मार दी थी। बदमाश फरार हो गए थे। चौकी इंचार्ज का कई दिन तक गाजियाबाद के अस्पताल में इलाज चल रहा था। चार दिन पहले ही चौकी इंचार्ज को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
पुलिस ने घटना के खुलासे को हाईवे और शहर में लगेे 200 से अधिक सीसीटीवी की फुटेज खंगाजी तो जस्सू मोहल्ला निवासी विनय वर्मा पुत्र दिनेश वर्मा और नरेश सागर का नाम सामने आया। एसएसपी ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
कंकरखेड़ा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह को शनिवार शाम को सूचना मिली कि बदमाश खिर्वा तिराहे से बस में बैठकर भागने वाले हैं। जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी करके विनय वर्मा और उसके साथी माधवपुरम निवासी नरेश सागर को गिरफ्तार कर लिया।
पिस्टल बरामद कराने ले गई थी पुलिस, शुरू की फायरिंग तो मिली मौत
सीओ दौराला अभिषेक पटेल ने बताया कि विनय वर्मा ने पूछताछ में बताया कि दरोगा को जिस पिस्टल से गोली मारी गई थी, वो उसने दायमपुर के जंगल में छिपा रखी है। शाम को छह बजे पुलिस टीम उसे लेकर गई तो उसने झाड़ी में से पिस्टल निकालकर पुलिस से हाथ छुड़ाकर फायरिंग कर दी। जिसमें एक गोली सिपाही सुमित के कंधे के पास छूते हुए निकल गई।
मुठभेड़ में विनय वर्मा को सीने और माथे पर दो गोलियां लगीं, उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसको मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी ने बताया कि विनय वर्मा के खिलाफ कंकरखेड़ा और मेडिकल में वाहन चोरी, लूट, अपहरण, जानलेवा हमला आदि के संबंध में आठ मुकदमे दर्ज हैं। विनय वर्मा अववाहित था।
नरेश की मां पहुंची एसएसपी ऑफिस
नरेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो दोपहर को उसकी मां राजो देवी एसएसपी दफ्तर पहुंची। उसने बताया कि बेटा कचहरी में एक अधिवक्ता का मुंशी है। पुलिस उसे उठाकर ले गई है। एसएसपी आफिस में जनसुनवाई कर रहे सीओ कैंट प्रकाश चंद अग्रवाल ने मामले की जानकारी करने को कहा।
पुलिस बदमाश विनय को लेकर जंगल में पिस्टल बरामद करने गई थी। उसने झाड़ियों में छिपाई पिस्टल से फायरिंग कर दी। जवाबी गोलीबारी में बदमाश मारा गया। दूसरे बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार तीसरे बदमाश को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी