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वैज्ञानिक नवाचारों के माध्यम से पशुधन संसाधनों को सशक्त बनाएं : अमित कुमार
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- गोवंश अनुसंधान संस्थान में यूपी में पशुधन संसाधनों का समग्र विकास को लेकर बैठक हुई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। उप्र पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पशुधन समग्र विकास के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी और वैज्ञानिक नवाचारों के माध्यम से पशुधन संसाधनों को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने शोध संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और किसान समुदायों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह बात उन्होंने बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद गोवंश अनुसंधान संस्थान में ‘यूपी में पशुधन संसाधनों का समग्र विकास आगे का रास्ता’ विषय पर आयोजित बैठक में कही। उन्होंने राज्य के पशु प्रजनन फार्म को केंद्रीय गो अनुसंधान संस्थान की तर्ज पर सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पी.पी.पी.) मॉडल में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने शीघ्र ही अभिरुचि पत्र (इओआई) आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण हुआ। गोवंश अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार मोहंती ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियां और भविष्य की रणनीतियां बताई। बैठक में मथुरा दुवासु कुलपति डॉ. अभिजीत मित्र, उप्र विशेष सचिव डॉ. देवेंद्र कुमार पांडेय, निदेशक डॉ. योगेंद्र सिंह पंवार, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। उप्र पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पशुधन समग्र विकास के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी और वैज्ञानिक नवाचारों के माध्यम से पशुधन संसाधनों को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने शोध संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और किसान समुदायों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह बात उन्होंने बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद गोवंश अनुसंधान संस्थान में ‘यूपी में पशुधन संसाधनों का समग्र विकास आगे का रास्ता’ विषय पर आयोजित बैठक में कही। उन्होंने राज्य के पशु प्रजनन फार्म को केंद्रीय गो अनुसंधान संस्थान की तर्ज पर सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पी.पी.पी.) मॉडल में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने शीघ्र ही अभिरुचि पत्र (इओआई) आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
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इस दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण हुआ। गोवंश अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार मोहंती ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियां और भविष्य की रणनीतियां बताई। बैठक में मथुरा दुवासु कुलपति डॉ. अभिजीत मित्र, उप्र विशेष सचिव डॉ. देवेंद्र कुमार पांडेय, निदेशक डॉ. योगेंद्र सिंह पंवार, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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