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यह कैसा रोजगार मेला: पढ़े-लिखों को मजदूरी में लगाया, प्रतिभागियों ने काम करने से किया इंकार

Fri, 26 Jun 2020 12:37 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 26 Jun 2020 12:37 AM IST
सार

  • जिला प्रशासन का दावा 385 लोगों को दिया रोजगार

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employment fair: labourer job given to educated people, participant refused to work
रोजगार मेले में पहुंचे प्रवासी श्रमिक - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ जिला प्रशासन ने प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए जिले की तीनों तहसीलों में रोजगार मेले का आयोजन किया। जिला प्रशासन का दावा है कि कुल 385 लोगों को रोजगार दिया गया।

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हालांकि बुधवार को जिन प्रतिभागियों को सीडीओ ईशा दुहन ने ऑफर लेटर दिया था उन्होंने गुरुवार को मजदूरी का कार्य देखते हुए काम करने से इंकार कर दिया। इनमें से दो प्रतिभागी तो साइंस स्ट्रीम से 12वीं के साथ ही आईआईटी पास हैं। 
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दो दिन तक चले इस रोजगार मेले में सेवायोजन कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र की सहायता से कंपनियों को बुलाया गया। एलआईसी एजेंट, जोमेटो आदि कंपनियों ने साक्षात्कार लिए। इस मेले में प्रवासी श्रमिकों के अलावा अन्य लोगों ने भी भाग लिया। विभागों की तरफ से मेले में आने वाले प्रवासी श्रमिकों का डाटा भी अलग से उपलब्ध नही कराया गया। रोजगार मेले में आए सभी लोगों को प्रशासन ने प्रवासी श्रमिक की श्रेणी में डाल दिया।

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जिले में आए एक हजार से अधिक प्रवासी श्रमिको को मनरेगा और रोगार मेले से रोजगार मुहैया कराना था। इसमे स्किल और अनस्किल श्रमिकों की सूची बनाने के दावे किए गए, लेकिन ये सूची भी सार्वजनिक नही की गई।  

सेवायोजन कार्यालय के अनुसार राहत आयुक्त के पोर्टल पर प्रवासी श्रमिकों की सूची अपलोड कर दी गई थी, लेकिन इस सूची में काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक  छूट गए थे। यह बात रोजगार मेले से एक दिन पहले हुई बैठक में  उठी थी। जिसमे ग्राम विकास अधिकारी ने अपने इलाके के प्रवासी श्रमिकों को सची में न शामिल होने की बात कही थी। 

आधी-अधूरी तैयारियों के बीच रोजगार मेला
प्रशासन का दावा है कि मेले के पहले दिन 160 जबकि दूसरे दिन 225 लोगों को रोजगार मिला, लेकिन दो दिन तक चले इस रोजगार मेले में किसी तहर की कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रतिभागियों को कंपनियों के एम्प्लाई से पूछना पड़ रहा था कि आप किस कंपनी या पद के लिए उन्हें नियुक्त कर रहे हैं। 

आए थे नौकरी के लिए, बना रहे एजेंट
रोजगार मेले में एलआईसी की दो ब्रांच से एजेंट बनाने के लिए भी साक्षात्कार लिया गया। प्रतिभागियों का कहना था कि एक तरफ रोजगार देने के लिए मेला लगाया जा रहा है दूसरी तरफ बीमा एजेंट बना रहे हैं। यह काम तो हम अपने आप भी कर सकते थे। 

न काम बताया न सैलरी
पहले दिन न तो कार्य बताया गया न ही सैलरी। हम परतापुर स्थित कंपनी में गए तो वहां इंटरलॉकिंग टाइल्स का काम करना था। हम सेल्समैन का काम करते थे, यह काम कैसे करेंगे?  -नवीन कुमार, समयपुर गांव

हेल्परी करने के लिए पढ़ाई की है क्या?
मैंने बारहवीं(पीसीएम) में की है। मुझे भी हेल्परी के लिए भेज दिया गया। यह काम करने के लिए मैंने पढ़ाई की है क्या? - मनीष, गांव गोलाबढ

ऐसे रोजगार मेले का क्या फायदा
मैं बारहवीं के साथ आईटीआई कर रहा हूं। मुझे इंटरलॉकिंग टाइल्स को गाड़ियों में चढ़ाने का काम दिय गया। यह काम करना था तो कहीं भी कर सकता था, ऐसे रोजगार मेले का क्या फायदा। - मोहित कुमार , गांव गोलाबढ

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