{"_id":"678aa3b4d94a7df53d0fa110","slug":"employees-staged-a-protest-against-privatization-meerut-news-c-26-1-sal1002-135376-2025-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने दिया धरना
Sat, 18 Jan 2025 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 18 Jan 2025 12:08 AM IST
विज्ञापन
शामली में कैराना रोड पर अधिक्षंण अभियंता कार्यालय में धरना प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी
शामली। निजीकरण के विरोध में ऊर्जा निगम के जेई और अन्य कर्मचारियों ने शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
दरअसल, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन द्वारा पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल डिस्काॅम पीपीपी माॅडल पर निजीकरण करने के लिए ट्राजेशन कन्सलटेंट की नियुक्ति हेतु निविदा प्रकाशित की गई। निविदा प्रकाशित होते ही प्रदेश भर के जूनियर इंजीनियर्स एवं प्रोन्नत अभियंताओं में रोष उत्पन्न हो गया। निजीकरण का ऊर्जा निगम के जेई और अन्य कर्मचारी विरोध कर रहे हैं।
जेई सौरभ कुमार ने बताया कि निजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर जब भी निजीकरण का प्रयोग किया गया वह विफल रहा। जिससे ऊर्जा क्षेत्र के कार्मिकों की सेवा शर्तें प्रभावित ही नहीं हुई अपितु बिजली दरें महंगी हुई एवं उपभोक्ता सेवा भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
विज्ञापन
इसके अलावा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। इस मौके पर सुनील कुमार, महेश, अनिल पटेल, शैलेश कुमार यादव, अनिल आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
दरअसल, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन द्वारा पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल डिस्काॅम पीपीपी माॅडल पर निजीकरण करने के लिए ट्राजेशन कन्सलटेंट की नियुक्ति हेतु निविदा प्रकाशित की गई। निविदा प्रकाशित होते ही प्रदेश भर के जूनियर इंजीनियर्स एवं प्रोन्नत अभियंताओं में रोष उत्पन्न हो गया। निजीकरण का ऊर्जा निगम के जेई और अन्य कर्मचारी विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
जेई सौरभ कुमार ने बताया कि निजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर जब भी निजीकरण का प्रयोग किया गया वह विफल रहा। जिससे ऊर्जा क्षेत्र के कार्मिकों की सेवा शर्तें प्रभावित ही नहीं हुई अपितु बिजली दरें महंगी हुई एवं उपभोक्ता सेवा भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
विज्ञापन
इसके अलावा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। इस मौके पर सुनील कुमार, महेश, अनिल पटेल, शैलेश कुमार यादव, अनिल आदि शामिल रहे।