{"_id":"69b94b8eea50d3437c0e1c18","slug":"emphasis-was-placed-on-the-propagation-of-the-official-language-through-technical-means-meerut-news-c-76-1-smrt1039-107582-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: तकनीकी माध्यमों से राजभाषा के प्रसार पर जोर दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: तकनीकी माध्यमों से राजभाषा के प्रसार पर जोर दिया
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र मोदीपुरम में मंगलवार को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें तकनीकी माध्यमों से राजभाषा के प्रसार पर जोर दिया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं वक्ता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशक (राजभाषा पद से सेवानिवृत्त) सीमा चोपड़ा ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के प्रस्तुतीकरण के साथ हुई।
सीमा चोपड़ा ने राजभाषा हिंदी की विकास यात्रा के बारे में बताया। राजभाषा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं के पुरस्कारों और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित ऑनलाइन टूल्स की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से हिंदी में कार्य करना अब पहले से अधिक सरल और प्रभावी हो गया है। कार्यशाला के समापन में केंद्र अध्यक्ष डॉ आरके सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम कर्मचारियों में राजभाषा के प्रति जागरूकता और दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संचालन सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी राजभाषा कुसुम सिंह ने किया। इस दौरान पूजा मानकर, वरिष्ठ वैज्ञानिक मनीष मान,योगेश कुमार मुख्य तकनीकी अधिकारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मोदीपुरम। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र मोदीपुरम में मंगलवार को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें तकनीकी माध्यमों से राजभाषा के प्रसार पर जोर दिया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं वक्ता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशक (राजभाषा पद से सेवानिवृत्त) सीमा चोपड़ा ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के प्रस्तुतीकरण के साथ हुई।
सीमा चोपड़ा ने राजभाषा हिंदी की विकास यात्रा के बारे में बताया। राजभाषा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं के पुरस्कारों और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित ऑनलाइन टूल्स की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से हिंदी में कार्य करना अब पहले से अधिक सरल और प्रभावी हो गया है। कार्यशाला के समापन में केंद्र अध्यक्ष डॉ आरके सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम कर्मचारियों में राजभाषा के प्रति जागरूकता और दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संचालन सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी राजभाषा कुसुम सिंह ने किया। इस दौरान पूजा मानकर, वरिष्ठ वैज्ञानिक मनीष मान,योगेश कुमार मुख्य तकनीकी अधिकारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन