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Meerut News: परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर रैपिड स्टेशन में शुरू हुई विद्युत आपूर्ति
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मेरठ। रैपिड ट्रेन अब जल्द ही मेरठ साउथ से आगे शताब्दीनगर तक आने की तैयारी में है। माना जा रहा है दिसंबर में ट्रायल रन के बाद नए साल पर ट्रेन संचालन की खुशखबरी मिल सकती है। शुक्रवार को मेरठ साउथ से आगे परतापुर, रिठानी और शताब्दी नगर स्टेशनों में इन स्टेशनों में स्थापित किए गए सहायक सबस्टेशन (एएसएस) से विद्युत आपूर्ति आरंभ हो गई।
इन स्टेशनों में परतापुर और रिठानी मेट्रो स्टेशन हैं, जबकि शताब्दी नगर आरआरटीएस स्टेशन है, जहां नमो भारत की सुविधा यात्रियों को प्राप्त होगी। इन स्टेशनों के कोनकॉर्स लेवेल पर एएसएस रूम बनाया गया है और उनमे विद्युत उपकरणों की स्थापन के साथ साथ उसकी टेस्टिंग आदि भी पूरी कर ली गई है। अब इनके उर्जीकृत होने से स्टेशन में विद्युत आपूर्ति इन्हीं एएसएस से की जाएगी। इन स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति के लिए मेरठ साउथ आरआरटीएस स्टेशन के एएसएस से 33 केवी क्षमता की केबल लाइन परतापुर, रिठानी और शताब्दी नगर स्टेशन तक वायडक्ट के माध्यम से पहुंचाई गई है।
आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो के सभी स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति के लिए एएसएस बनाए जा रहे हैं, जिनमें निर्धारित नजदीकी रिसीविंग सब स्टेशनों (आरएसएस) से विद्युत आपूर्ति की जाएगी। सम्पूर्ण दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर विद्युत आपूर्ति के लिए कुल पांच आरएसएस दिल्ली के सराय काले खां, ग़ाज़ियाबाद, मुरादनगर और मेरठ के शताब्दीनगर व मोदीपुरम में स्थापित किये जा रहे हैं, जिनमें से गाजियाबाद, मुराद नगर और शताब्दीनगर आरएसएस बनकर तैयार हो चुके हैं।
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एनसीआरटीसी अपने सभी विद्युत् सब स्टेशनों, आरआरटीएस स्टेशनों एवं डिपो में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, हरित क्षेत्र, एलईडी बल्ब, प्राकृतिक रौशनी और वातानुकूलक का प्रयोग भी सुनिश्चित कर रहा है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि इन तीनों स्टेशन के बीच वायडक्ट निर्माण पहले ही पूर्ण हो चुका है और वायडक्ट तैयार होने के बाद रेल ट्रैक बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही ट्रेनों के संचालन के लिए ओएचई इंस्टालेशन और सिग्नलिंगका कार्य भी प्रगति पर है।
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इन स्टेशनों में परतापुर और रिठानी मेट्रो स्टेशन हैं, जबकि शताब्दी नगर आरआरटीएस स्टेशन है, जहां नमो भारत की सुविधा यात्रियों को प्राप्त होगी। इन स्टेशनों के कोनकॉर्स लेवेल पर एएसएस रूम बनाया गया है और उनमे विद्युत उपकरणों की स्थापन के साथ साथ उसकी टेस्टिंग आदि भी पूरी कर ली गई है। अब इनके उर्जीकृत होने से स्टेशन में विद्युत आपूर्ति इन्हीं एएसएस से की जाएगी। इन स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति के लिए मेरठ साउथ आरआरटीएस स्टेशन के एएसएस से 33 केवी क्षमता की केबल लाइन परतापुर, रिठानी और शताब्दी नगर स्टेशन तक वायडक्ट के माध्यम से पहुंचाई गई है।
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आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो के सभी स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति के लिए एएसएस बनाए जा रहे हैं, जिनमें निर्धारित नजदीकी रिसीविंग सब स्टेशनों (आरएसएस) से विद्युत आपूर्ति की जाएगी। सम्पूर्ण दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर विद्युत आपूर्ति के लिए कुल पांच आरएसएस दिल्ली के सराय काले खां, ग़ाज़ियाबाद, मुरादनगर और मेरठ के शताब्दीनगर व मोदीपुरम में स्थापित किये जा रहे हैं, जिनमें से गाजियाबाद, मुराद नगर और शताब्दीनगर आरएसएस बनकर तैयार हो चुके हैं।
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एनसीआरटीसी अपने सभी विद्युत् सब स्टेशनों, आरआरटीएस स्टेशनों एवं डिपो में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, हरित क्षेत्र, एलईडी बल्ब, प्राकृतिक रौशनी और वातानुकूलक का प्रयोग भी सुनिश्चित कर रहा है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि इन तीनों स्टेशन के बीच वायडक्ट निर्माण पहले ही पूर्ण हो चुका है और वायडक्ट तैयार होने के बाद रेल ट्रैक बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही ट्रेनों के संचालन के लिए ओएचई इंस्टालेशन और सिग्नलिंगका कार्य भी प्रगति पर है।