चुनावी कवायद: पश्चिमी यूपी में तीन साल से जमे 26 अफसरों को तबादले का इंतजार, एडीजी जोन भी आएंगे जद में
पश्चिमी यूपी में लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेजी पकड़ रही है। चुनाव से पहले वेस्ट यूपी की प्रशासनिक कार्यकारिणी में बड़े बदलाव हो सकते हैं। एक ही जिले में तीन साल का समय पूरा कर चुके पुलिस अफसरों और कर्मियों को हटाने की मियाद पूरी हो चुकी है। अफसर तबादले का इंतजार कर रहे हैं।
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लोकसभा चुनावों की तैयारियों के बीच एक ही जिले में तीन साल का समय पूरा कर चुके पुलिस अफसरों और कर्मियों को हटाने के लिए तय की गई मियाद पूरी हो चुकी है। डीजीपी ने तीस सितंबर तक स्थानांतरण की कार्यवाही पूरी करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन अफसरों को अभी भी तबादलों का इंतजार है।
मेरठ जोन और गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के 26 अफसर ऐसे हैं जो बीते तीन साल या उससे ज्यादा समय से एक ही जिले में तैनात हैं। यह अफसर न सिर्फ अपने तबादले का इंतजार कर रहे हैं बल्कि मनमुताबिक जिले में तैनाती के लिए जुगाड़ तंत्र भी तलाश रहे हैं।
प्रांतीय पुलिस सेवा के अफसरों में बतौर एडीशनल एसपी मेरठ में जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव की तैनाती 26 जून 2020 को हुई थी। तब से वह यहीं पर एसपी यातायात हैं। बागपत में मनीष कुमार मिश्रा की तैनाती 12 अगस्त 2020 को हुई थी।
मुजफ्फरनगर में अतुल कुमार श्रीवास्तव और बिजनौर में डॉक्टर प्रवीन रंजन सिंह 7 जनवरी 2021 को तैनात किए गए थे। शामली में ओम प्रकाश द्वितीय की तैनाती भी 28 फरवरी 2021 को हुई थी। गाजियाबाद में रामानंद प्रसाद कुशवाहा और गौतमबुद्धनगर में विशाल पांडेय की तैनाती 2020 में एक साथ हुई थी।
इसी तरह पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अफसरों में मेरठ जिले में अमित राय, पूनम सिरोही, अरविंद कुमार, देवेश सिंह, और आशीष शर्मा की तैनाती को तीन साल पूरे हो चुके हैं या तय कटआफ डेट में पूरे हो जाएंगे। बिजनौर में सुनीता दहिया, शुभ सुचित और गजेंद्र पाल सिंह भी तीन साल की मियाद पूरी कर चुके हैं।
सहारनपुर में राम करन और यादव, मुजफ्फरनगर में हिमांशु गौरव और शकील अहमद, बागपत में युवराज भी शासन की ओर से तय की गई समय सीमा को पार कर चुके हैं। गाजियाबाद कमिश्नरेट में सुनील कुमार सिंह व संतोष कुमार सिंह चतुर्थ और गौतमबुद्धनगर में सुशील कुमार गंगा प्रसाद, रुद्र कुमार और श्यामजीत कमिश्नरेट में तीन साल की अवधि पूरी कर अपनी अगली तैनाती का इंतजार कर रहे हैं।
तो एडीजी जोन भी आएंगे तबादले के जद में
शासन की ओर से जो कमेटी गठित की गई है उसमें अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के लिए समय सीमा तय की गई है। पूर्व में आईपीएस अफसरों को भी इसी श्रेणी में रखा गया था।
इस बार भी ऐसा ही होता है तो मेरठ जोन को भी नया एडीजी मिलेगा। मौजूदा एडीजी जोन राजीव सभरवाल का कार्यकाल भी तीन साल से अधिक का हो गया है। गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार कटऑफ डेट तक तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लेंगे। ऐसे में उनका तबादला भी तय माना जा रहा है।
शासन और डीजीपी की ओर से तय कट ऑफ डेट में विरोधाभास
अपर पुलिस अधीक्षक से लेकर सब इंस्पेक्टर तक के तबादलों के लिए शासन ने 13 सितंबर को दो अलग-अलग कमेटी गठित की थी। एडीशनल एसपी व डिप्टी एसपी की स्क्रीनिंग के लिए स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार को अध्यक्ष बनाया गया था।
एडीजी प्रशासन नीरा रावत और सचिव गृह संजीव गुप्ता को सदस्य नामित किया गया था। वहीं इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर के लिए एडीजी विजिलेंस राजीव कृष्णा को अध्यक्ष व एडीजी स्थापना संजय सिंघल और सचिव गृह एवी राजामौलि को सदस्य नामित किया गया था।
गृह विभाग की ओर से गठित की गई इस कमेटी में कटआफ डेट 31 मार्च 2024 तय की गई है। यानी जिन अफसरों या इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर ने एक ही जिले में 31 मार्च 2024 तक तीन साल पूरे कर लिए हैं, उनका तबादला किया जाएगा। लेकिन डीजीपी की ओर से 23 व 29 सितंबर को जारी आदेश में कटआफ डेट 31 मई 2024 बताई गई है।