Lok Sabha Election: पिछलों चुनावों में कैसा रहा गठबंधन का हाल? पश्चिम की सीटों के आंकड़ों पर डालें नजर
Lok Sabha Election : पिछले लोकसभा चुनावों में गठबंधन का प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा है। अमर उजाला की इस रिपोर्ट में जानिए पश्चिमी यूपी की सीटों के आंकड़े क्या कहते हैं।
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राजनीतिक दल सियासी दांव आजमा रहे हैं। बसपा अकेले दम पर मैदान में है। भाजपा ने रालोद को अपने खेमे में शामिल किया है। कांग्रेस, सपा और अन्य दल इंडिया गठबंधन में रहकर ताल ठोक रहे हैं। पिछले चुनावों के आंकड़ों में गठबंधन की उपलब्धि पर नजर डाली जाए तो वह कुछ खास नहीं रहा।
पश्चिम में गठबंधन के 2014 में छह और 2019 में सात प्रत्याशी मैदान में रहे। इन सभी में केवल तीन प्रत्याशी 2019 में जीत की दहलीज तक पहुंच सके। बाकी प्रत्याशियों की गठबंधन के बाद भी नैया पार नहीं लग सकी। खास बात यह है कि हारने वाले प्रत्याशियों में कई बड़े दिग्गज भी शामिल रहे।
सहारनपुर
- 2014 के चुनाव में रालोद-कांग्रेस का गठबंधन था, जिसमें कांग्रेस की तरफ से इमरान मसूद को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल ने जीत दर्ज की थी।
- 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा और रालोद गठबंधन से हाजी फजलुर्रहमान ने 514139 वोट के साथ जीत दर्ज की।
कैराना
- 2014 में रालोद-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी करतार सिंह भड़ाना मैदान में थे, जिन्हें 42706 वोट मिले थे। इस चुनाव में भाजपा के हुकुम सिंह ने 565909 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की थी।
- 2019 में गठबंधन प्रत्याशी के रूप में तबस्सुम हसन को मैदान में उतारा गया था। सपा, रालोद और बसपा का गठबंधन था। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी ने जीत दर्ज की थी।
बागपत
- 2014 में भाजपा से डॉ. सत्यपाल सिंह, कांग्रेस-रालोद से अजित सिंह मैदान में उतरे थे। डॉ. सत्यपाल सिंह 423475 वोट लेकर जीत गए थे। अजित सिंह 199516 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
- 2019 में भाजपा से डॉ. सत्यपाल सिंह और सपा-बसपा-रालोद से जयंत सिंह चुनाव लड़े थे। इस बार भी डॉ. सत्यपाल सिंह 525789 वोट लेकर जीत गए और जयंत सिंह 502287 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे।
मुजफ्फरनगर
- 2019 में भाजपा से दूसरी बार भी संजीव बालियान सांसद चुने गए थे। सपा, रालोद के गठबंधन के प्रत्याशी अजित सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
- 2014 में भाजपा से डॉ. संजीव बालियान ने जीत दर्ज की, जबकि रालोद-कांग्रेस गठबंधन से कांग्रेस के पंकज अग्रवाल को मात्र 12937 वोट मिली थी। वह चौथे स्थान पर रहे थे।
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मेरठ
- 2014 में गठबंधन से कोई प्रत्याशी नहीं था। भाजपा से डॉ. यशवंत सिंह ने चुनाव जीता था।
- 2019 के चुनाव में गठबंधन से बसपा प्रत्याशी गिरीश चंद किस्मत आजमा रहे थे। जिन्होंने 568378 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी।
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