सूर्यदेव को समर्पित है ज्येष्ठ माह, प्यासों को जल पिलाएं, इन पौधों कों लगाने से शांत होते हैं ग्रह
ज्येष्ठ माह में प्यासों को जल पिलाने और पौधे लगाने से ग्रहों को शांत होते हैं। इसी माह गंगा दशहरा और एकादशी व्रत जल संरक्षण का संदेश देते हैं।
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इस माह में पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है। नदियां और तालाब सूख जाते हैं। इसलिए जल संरक्षण पर जोर दिया जाता है। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल बताते हैं कि ज्येष्ठ महीने में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी जैसे व्रत भी रखे जाते हैं।
ये व्रत प्रकृति में जल संरक्षण का संदेश देते हैं। गंगा दशहरा पर नदियों की पूजा और निर्जला एकादशी में बिना जल का व्रत रखा जाता है।
पेड़-पौधों से ही मिलती है भरपूर ऑक्सीजन
पौधे अकूत संपदा के स्वामी हैं। पेड़ों से हमें भरपूर ऑक्सीजन मिलती है। ज्योतिष वैज्ञानिक भारत ज्ञान भूषण ने बताया कि एक व्यस्क व्यक्ति को रोजाना 550 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इसे वह सांस के जरिए लेता है। हर व्यक्ति को जीवित रहने के लिए कम से कम तीन वयस्क पौधों की दरकार होती है।
घर में बनानी चाहिए नवग्रह वाटिका
घर में पेड़-पौधों से सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है। इससे खुशहाली आती है और ग्रह शांत होते हैं। आचार्य कौशल कहते हैं कि लोगों को अपने घर में नवग्रह वाटिका बनानी चाहिए। जिनके घर में जगह नहीं है तो वह गमलों में नौ प्रकार के पौधे लगाकर ग्रहों को शांत कर सकते हैं।
9 और दस को वट सावित्री व्रत
इस बार नौ और दस जून को वट सावित्री व्रत रखा जाएगा। आचार्यों के अनुसार दस जून को व्रत रखना अधिक शुभ है।