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कोरोना ने उजाड़े परिवार : एक भाई का अंतिम संस्कार कर लौटे भी न थे परिजन, दूसरे की मौत की आ गई खबर
Thu, 06 May 2021 01:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 06 May 2021 01:58 AM IST
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covid-19 death in meerut
- फोटो : amar ujala
महामारी में परिवार के परिवार उजड़ रहे हैं। परिवार के कई-कई सदस्य दुनिया छोड़ चले गए हैं। गाजियाबाद की नेहरू नगर कॉलोनी में ऐसा ही मामला सामने आया। जब परिवार के एक भाई का अंतिम संस्कार कर लौटे भी न थे कि दूसरे की मौत की सूचना आ गई। मृतक की मां इस बात से अनजान थी कि उसके दो बेटे दुनिया छोड़कर चले गए।
नेहरू नगर निवासी अरुण सक्सेना का मेडिकल कॉलेज मेरठ में बुधवार शाम छह बजे देहांत हो गया। बेटा मयंक मदद की मांग करता रहा, लेकिन कोई शव को हाथ लगाने के लिए तैयार नहीं हुआ।
अब रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा। मयंक ने बताया कि उसके चाचा की सुबह सात बजे गाजियाबाद में मौत हो गई थी। उनका ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अभी परिवार के लोग घर भी नहीं लौटे थे कि पिता अरुण भी दुनिया छोड़कर चले गए।
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अमर उजाला की पहल पर युवा एकता समिति के संस्थापक बदर अली ने पीड़ित परिवार से संपर्क किया और शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था का आश्वासन दिया। अब यदि शव गाजियाबाद जाता है तो एंबुलेंस गाजियाबाद जाएगी, वरना सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
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नेहरू नगर निवासी अरुण सक्सेना का मेडिकल कॉलेज मेरठ में बुधवार शाम छह बजे देहांत हो गया। बेटा मयंक मदद की मांग करता रहा, लेकिन कोई शव को हाथ लगाने के लिए तैयार नहीं हुआ।
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अब रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा। मयंक ने बताया कि उसके चाचा की सुबह सात बजे गाजियाबाद में मौत हो गई थी। उनका ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अभी परिवार के लोग घर भी नहीं लौटे थे कि पिता अरुण भी दुनिया छोड़कर चले गए।
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अमर उजाला की पहल पर युवा एकता समिति के संस्थापक बदर अली ने पीड़ित परिवार से संपर्क किया और शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था का आश्वासन दिया। अब यदि शव गाजियाबाद जाता है तो एंबुलेंस गाजियाबाद जाएगी, वरना सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार कराया जाएगा।