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मेरठ के सभी आठ बूचड़खाने सील, यहां प्रतिदिन काटे जाते थे हजारों पशु

Sun, 26 Mar 2017 12:41 PM IST
टीम डिजिटल/ मेरठ
टीम डिजिटल/ मेरठ Updated Sun, 26 Mar 2017 12:41 PM IST
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Eight slaughterhouses of Meerut were cut daily, 4000 animals, all done sealed
मीट प्लांट

खरखौदा 22 मार्च भाजपा के चुनावी एजेंडे में शामिल यांत्रिक कमेले व अवैध बूचड़खानों पर बडी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन की छह टीमें बुधवार सुबह से ही हापुड़ रोड पर अल्लीपुर पहुंच गई। एक टीम में एक जोनल अधिकारी के नेतृत्व में सुबह नौ बजे की कार्रवाई शुरू कर दी। सभी टीमों में सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। छह घंटे की सघन कार्रवाई के दौरान छह टीमों ने आठ बूचड़खानों पर छापा मारा। जिसमें सभी प्लांटों को संचालित करने के लिये उपयुक्त कागज नहीं मिले सके। जिस कारण सभी प्लाटों पर सील लगा दी गई है। छहों टीमों की ओर से सभी प्लांटों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हो गई है। 

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योगी के शपथ लेते ही सरकारी मशनरी में हलचल

Eight slaughterhouses of Meerut were cut daily, 4000 animals, all done sealed
मीट प्लांट

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के शपथ लेते ही सरकारी मशनरी में हलचल मच गई। जिसमें भाजपा की पहली प्राथमिकता पर अवैध कत्लखाने व बूचड़खानों पर कार्रवाई करने को लेकर प्रशासन ने सख्ती करनी शुरू कर दी। जिसमें शपथ ग्रहण के पहले ही दिन से बूचड़खानों में पशु जाने कम हो गये। तीन दिन में पशु पालन विभाग सहित सभी विभागों ने अल्लीपुर गांव में मौजूद आठ प्लांटों को चिहिंत किया। जिसको लेकर मंगलवार को डीएम व एसएसपी की देखरेख में पुलिस, प्रशासन, पशु पालन विभाग, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, खाद्घ सुरक्षा विभाग सहित सभी के बीच देर रात तक विचार विमर्श हुआ तथा कार्रवाई की रूप रेखा तैयार की गई। जिसमें बुधवार को सुबह आठ बजे ही सभी टीमें पुलिस लाइन से निकली। नौ बजे ही छह टीमें अलग-अलग मीट प्लांटों में घुस गयी तथा कार्रवाई शुरू कर दी। जिसमें जिसमें छह टीमों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जोनल अधिकारी अपर जिला मजिस्ट्रेट दिनेश चंद्र  के नेतृत्व में एक टीम अलकैफ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में पहुंची तथा वहां पर जांच की।

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कोई भी प्लांट इस जांच में खरा नहीं उतर पाया

Eight slaughterhouses of Meerut were cut daily, 4000 animals, all done sealed
पशुओं के कटान पर रोक

एक टीम जोनल अधिकारी अपर मजिस्ट्रेट दिनेश चंद्र के नेतृत्व में युनिवर्सल इंडिया प्रथम व द्वितीय प्राइवेट लिमिटेड में पहुंची तथा वहां पर कार्रवाई की। एक टीम जोनल अधिकारी मुकेश चंद्र अपर जिला मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षक नगर आलोक प्रियदर्शी दोनों के नेतृत्व में अल यासिर एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में पहुंची। एक टीम अपर जिला मजिस्ट्रेट मुकेश चंद्र के नेतृत्व में अल अक्सा फ्रोजन फूडस प्राइवेट लिमिटेड पर पहुंची। एक टीम जोनल अधिकारी दिनेश चंद्र अपर जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में वैट फीड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में पहुंची। एक टीम बेस्ट एग्रो फीड प्राइवेट लिमिटेड में पहुंची। सभी विभागों के अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्र में जांच की। कोई भी प्लांट इस जांच में खरा नहीं उतर पाया। किसी के पास प्रदूषण नहीं तो किसी के पास एमडी का नक्सा पास नहीं मिल सका।

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सभी अधिकारी इतना प्रदूषण देख हैरान रह गए

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मीट प्लांट पर लगी सील

सभी प्लांटों से पशु पालन विभाग की टीमों ने मीट व पशुओं के अवशेषों के नमूने भी लिये। बाद में किसी पर एमडीएक की व किसी पर प्रदूषण विभाग की ओर से सील लागाई गयी। छह घंटे की कार्रवाई में सभी प्लांटों को सील कर दिया तथा सभी प्लांटों पर मिले मीट को प्लांट संचालकों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। बाद में कार्रवाई के बाद सभी टीमें खरखौदा थाना पहुंची। सभी टीमों में मौजूद पशु पालन विभाग की ओर से रिपोर्ट भी दर्ज कराई गयी है। एक दिन पहले सभी समाचारों में प्ररसारित होने के कारण सभी मीट प्लांटों के संचालकों को इस कार्रवाई के बारे में जानकारी हो गयी थी। जिस कारण अलकैफ, अल अक्सा व अल यासिर सभी में साफ सफाई पुख्ता पाई गयी। लेकिन बाकी की फैक्टरियां में भारी मात्रा में प्रदूषण मिला। 

सरकार बदलते ही प्रशासन की आखें खुली

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कई मीट प्लांट सील

खरखौदा क्षेत्र में मीट के कारोबार से जुड़ी करीब दो दर्जन फैक्टरियां हैं जो कि पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार चल रही है। पुलिस प्रशासन,पशू पालन विभाग, एमडीएम, प्रदूषण विभाग व खाद्घ विभाग के कई अधिकारी कई कई वर्षो से मेरठ में डटे हुये है। सभी विभागों में सभी प्लांटों को समय समय पर अपनी एनओसी भी दे रखी है लेकिन जैसे ही सरकार बदली सभी विभागों के अधिकारियों को इस सभी पलांटों में खामिया नजर आने लगी। निजाम बदलते ही अधिकारियों ने भी अपना रूख उसी तरफ बदल लिया। वो सभी विभाग जिन्होने अपनी अपनी एनओसी दी हुई थी सभी ने मूंह फेर लिया। प्लांट मालिक गला फाड फाड कर चिल्लाते रहे कि हम सभी इनही कागजों पर अब तक प्लांट चलाते आये हैं लेकिन अधिकारयों ने एक नहीं सुनी बताया कि इस समय सभी कागज सही नहीं हैं। सभी प्लांटों पर करीब करीब एमडीए द्वारा सील लगाई गयी। जिसमें बताया कि एमडीए विभाग से किसी प्लांट ने नक्सा पास नहीं कराया। जब एमडीए ने सील लगाई तो प्लांट मालिकों ने आरोप लगाया कि एमडीए को सरकार बदलते ही यह सब क्यों याद आया पहले क्यों नहीं याद आया।

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