कोरोना महामारी का असर: दोपहिया वाहनों की बिक्री में 30 फीसदी गिरावट, भविष्य को लेकर चिंतित लोग
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कोरोना संक्रमण का असर भले ही कम होता जा रहा हो लेकिन वाहन बिक्री पर इसका असर बरकरार है। दोपहिया वाहनों में इसका ज्यादा असर देखा जा रहा है। दोपहिया वाहनों की बिक्री में 30 फीसदी की गिरावट हुई है।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में सामान्य काल में जनपद में जहां 59500 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई थी वहीं इस साल दस माह में केवल 34400 दोपहिया वाहन ही बिके हैं। यानी हर महीने सिर्फ 3440 वाहन ही बिके हैं। 2019 में यह औसत 4958 दोपहिया प्रतिमाह रहा था। इसके अलावा स्कूल बस, ट्रैक्टर और टैक्सी की बिक्री पर भी असर जारी है। हालांकि चौपहिया वाहनों की बिक्री कोरोना के असर से बेअसर दिख रही है। वर्ष 2019-20 में जहां हर महीने 858 चौपहिया वाहन बिक्री हुई थी वहीं इस साल हर महीने औसतन 870 वाहनों की बिक्री हो रही है।
महंगाई और अनिश्चितता से मांग पर असर
कोरोना के साथ ही महंगाई और स्वास्थ्य को लेकर लोगों के बीच बनी अनिश्चितता का असर मांग पर पड़ रहा है। लोग भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यही कारण है दुपहिया वाहनों की बिक्री प्रभावित हुई है। उच्च वर्ग अभी भी खरीद कर रहा है। - प्रोफेसर दिनेश कुमार, अर्थशास्त्र विभाग, सीसीएसयू
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स्कूल बंद होने से बसों की बिक्री में भारी कमी
कोरोना के चलते स्कूल बंद होने से स्कूल बसों की बिक्री न के बराबर हो रही है। 2019 में जहां 220 बसों की बिक्री हुई थी वहीं इस साल अभी तक केवल 47 बसों की ही बिक्री हो सकी है। ट्रकों का भी यही हाल है। 2019 में जहां 2250 ट्रक बिके थे वहीं इस साल अब तक 1250 ट्रक ही बिके हैं।
मेरठ में वाहनों की बिक्री के आंकड़े
वाहन 2019-20 2020-21 2021-22
दोपहिया 59500 38400 34400
चौपहिया 10300 9300 8700
ट्रैक्टर 1350 1400 1030
बस 220 20 47
ट्रक 2250 1080 1250
टैक्सी 240 60 40
नोट : 2021-22 में 31 जनवरी तक के आंकड़े लिए गए हैं।