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बच्चों की पढ़ाई पर कोरोना ने एक बार फिर लगाया ग्रहण
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सत्र शुरू होते ही परिषदीय स्कूलों की शिक्षा पर लगा ग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। सत्र शुरू होते ही परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा पर ग्रहण लग गया है। अभिभावक चिंतित है कि कहीं पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी सत्र कोरोना के चलते खत्म न हो जाए।
एक अप्रैल से परिषदीय विद्यालयों में नया सत्र शुरू हुआ था। सत्र शुरू होने के अगले ही दिन कोरोना संक्रमण के बढ़ने से चार अप्रैल तक स्कूलों को बंद करने के आदेश आ गए। स्कूल अभी खुले भी नहीं थे कि इन्हें 11 अप्रैल तक बंद करने के आदेश आ गए। अब कोरोना संक्रमण इतना बढ़ गया है फिलहाल स्कूल खुलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। अभिभावक चिंतित है कि कहीं पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई खत्म न हो जाए। दरअसल परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पास मोबाइल भी नहीं होते जिससे वह भी कॉन्वेंट स्कूलों की तरह ऑनलाइन पढ़ाई कर सके। वहीं प्रशासनिक कार्यों के लिए शिक्षकों को नियमित रूप से सभी कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल आना होगा।
निजी विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की तैयारी
एक और जहां सरकारी विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर निजी विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं से सुचारू रूप से चलाए जाने की तैयारी चल रही है जिससे बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो।
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एबीएसए ज्ञानचंद का कहना है कि शासन से मिले निर्देशानुसार विकास खंड क्षेत्र के सभी स्कूल 11 अप्रैल तक बंद है। शासन के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। े
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। सत्र शुरू होते ही परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा पर ग्रहण लग गया है। अभिभावक चिंतित है कि कहीं पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी सत्र कोरोना के चलते खत्म न हो जाए।
एक अप्रैल से परिषदीय विद्यालयों में नया सत्र शुरू हुआ था। सत्र शुरू होने के अगले ही दिन कोरोना संक्रमण के बढ़ने से चार अप्रैल तक स्कूलों को बंद करने के आदेश आ गए। स्कूल अभी खुले भी नहीं थे कि इन्हें 11 अप्रैल तक बंद करने के आदेश आ गए। अब कोरोना संक्रमण इतना बढ़ गया है फिलहाल स्कूल खुलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। अभिभावक चिंतित है कि कहीं पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई खत्म न हो जाए। दरअसल परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पास मोबाइल भी नहीं होते जिससे वह भी कॉन्वेंट स्कूलों की तरह ऑनलाइन पढ़ाई कर सके। वहीं प्रशासनिक कार्यों के लिए शिक्षकों को नियमित रूप से सभी कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल आना होगा।
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निजी विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की तैयारी
एक और जहां सरकारी विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर निजी विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं से सुचारू रूप से चलाए जाने की तैयारी चल रही है जिससे बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो।
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एबीएसए ज्ञानचंद का कहना है कि शासन से मिले निर्देशानुसार विकास खंड क्षेत्र के सभी स्कूल 11 अप्रैल तक बंद है। शासन के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। े