Eastern Dedicated Freight Corridor: तीन स्टेशन तैयार, दिसंबर से दौड़ेगी मालगाड़ियां
मेरठ में सभी चार स्टेशनों पर ट्रैक तैयार है। मालगाड़ियां इस रूट पर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मुंबई, बंगाल से होते हुए मेरठ, लुधियाना तक का सफर पूरा करेंगी।
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औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए जिले में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के स्टेशन तैयार हो चुके हैं। न्यू मेरठ कैंट, परतापुर, दौराला, सकौती में स्टेशन की बिल्डिंग बन गई हैं। निर्माण कंपनी बिल्डिंग हस्तांतरित भी कर दी है।
खुर्जा से सहारनपुर जिले के पिलखनी तक 222 किलोमीटर की दूरी में दिसंबर-2022 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गुलावठी से दौराला के बीच 68 किमी में से 58 किमी में ट्रैक बन चुका है।
मेरठ में सभी चार स्टेशनों पर ट्रैक तैयार है। मालगाड़ियां इस रूट पर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मुंबई, बंगाल से होते हुए मेरठ, लुधियाना तक का सफर पूरा करेंगी। दिसंबर से ट्रैक पर ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। खुर्जा से लेकर पिलखनी तक एकल लाइन पर मालगाड़ी दौड़ेगी। वहीं, पिलखनी से आगे लुधियाना तक धीमी गति से कार्य हो रहा है।
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मेरठ में एक स्टेशन पर ठहराव
मेरठ में न्यू मेरठ कैंट स्टेशन पर मालगाड़ियों के ठहराव के लिए सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की थी। इस पर सहमति बन चुकी है। माना जा रहा है कि इस स्टेशन पर ठहराव की फाइनल अनुमति जल्द आ जाएगी। शेष तीन स्टेशनों पर अभी मालगाड़ियां नहीं रुकेंगी।
दादरी में जुड़ेेंगे ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
नोएडा स्थित दादरी में ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को जोड़ा जाएगा। दादरी में मुंबई से आने वाला वेस्टर्न और कोलकाता से लुधियाना तक जाने वाला ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जुड़ जाएगा। इससे औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी।
दादरी में ही लॉजिस्टिक हब बनाने की तैयारी की जा रही है। यहां डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। दादरी में चमरावली बोडाकी की 12 हेक्टेयर, चिटेहरा की 43 हेक्टेयर, कटेहरा की चार हेक्टेयर, पल्ला की 23 हेक्टेयर जमीन शामिल है।
एक नजर में प्रोजेक्ट
खुर्जा से पिलखनी तक लंबाई 222 किमी
बड़े ब्रिज 81
छोटे ब्रिज 622
कुल स्टेशन 21