Earthquake in UP: भूकंप के तेज झटकों से दहला पश्चिमी यूपी, मेरठ में घरों और ऑफिस से बाहर दौड़े लोग
Earthquake in UP : पश्चिमी यूपी के जिलों में मंगलवार दोपहर को भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई गई है। जो सामान्य से काफी अधिक है। वेस्ट यूपी के जिलों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
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विस्तार
पश्चिमी यूपी के जिलों में मंगलवार दोपहर को भूकंप के झटके महसूस किए गए। मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली व सहारनपुर समेत आसपास के जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।मेरठ देहात क्षेत्र में 2:55 पर दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का एपिक सेंटर नेपाल से 2 किलोमीटर दूर बाठे खोला में रहा। वहां पर 6.2 स्केल से भूकंप आया, जबकि मेरठ में 5.5 के स्केल से तेज भूकंप के झटके लगे। भूकंप से लोगों में हड़कंप मच गया।
बिजनौर जनपद में 2.52 पर भूकंप के तेज झटके महसूसर किए गए। बताया गया कि नेपाल भूकंप का केंद्र रहा है। रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है। यह सामान्य से ज्यादा है। सहारनपुर और शामली में भी तकरीबन 40 सेंकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।
मेरठ से सटे हस्तिनापुर में भी 2:53 पर भूकंप के बड़े झटके लोगों ने महसूस किए, जिन्हें देखकर हड़कंप मच गया। कुछ लोग अपने घरों से बाहर की ओर निकल आए। हालांकि एक मिनट से भी कम देरी तक भूकंप रहा, लेकिन लोगों में दहशत फैल गई।
मवाना में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। माछरा एवं आसपास के गांव में ग्रामीणों ने भूकंप के झटके महसूस किया। जिलेभर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। लोग घरों से बाहर निकले। शहर से लेकर देहात तक असर देखने को मिला। सभी स्थानों पर कौतुहल रहा। पल्लवपुरम निवासी पूजा का कहना है कि भूकंप इतनी तेज था कि पंखे भी हिलने लगे। डर के चलते वह भी घर से बाहर निकल गए।
मेरठ के होटल हारमनी में मेरठ सहोदय अवार्ड सेरेमनी संवाद चल रहा था। इसी दौरान भूकंप से बिल्डिंग हिल गई। कार्यक्रम में मौजदू लोग परेशान होकर इधर-उधर देखने लगे। एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज भी खड़े होकर इधर से देखने लगे। इसके बाद लोग बाहर निकल आए।
मुजफ्फरनगर में शहर से देहात तक भूकंप के तेज झटके
मुजफ्फरनगर जिले भर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। दहशत के कारण लोग घरों से बाहर निकल पड़े। कचहरी में कार्य कर रहे अधिवक्ता भी अपने चैंबरों से बाहर आ गए। शहर से लेकर देहात तक असर देखने को मिला। चरथावल, पुरकाजी, छपार, बुढ़ाना, मीरापुर, रोहाना कलां समेत अन्य स्थानों पर कौतुहल रहा। हालांकि भूकंप से किसी तरह के नुकसान का समाचार नहीं है।
भूकंप के तेज झटके महसूस होने के बाद दहशत के चलते लोग घरों से दौड़कर बाहर निकल गए। लोगों का कहना था कि पिछले पांच साल के भीतर इतने तेज भूकंप के झटके कभी महसूस नहीं किए। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में रहने वाले लोग फ्लैट छोड़कर नीचे मैदान में जमा हो गए।
सभी जिलों में शहर की हर कॉलोनी में यही मंजर नजर आया। हर जगह लोग एक दूसरे से बस यही कहते रहे कि बहुत तेज भूकंप था, कुछ देर और रहता तो मकान गिर सकते थे।
शामली में भूकंप के झटकों के कारण घरों से बाहर निकले लोग
जिलेभर में मंगलवार को दोपहर बाद भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। लोग घरों से बाहर निकले। कचहरी में अधिवक्ताओं भी अपने चैंबरों से बाहर आ गए। शहर से लेकर देहात तक असर देखने को मिला। कैराना, कांधला, झिंझाना, बाबरी, जलालाबाद, थानाभवन में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। हालांकि, कोई नुकसान नहीं हुआ।
मेरठ में भी भूकंप के झटके के दौरान शहर में कोई जान माल की हानी नहीं हुई। दूसरे झटके के बाद घबराकर व्यापारी और सड़कों पर आए। काफी देर इंतजार के बाद लोग अपने नियमित कामों में लग गए। सोशल साइट्स और मोबाइल फोन पर भूकंप की चर्चा रही।
भूकंप के झटके पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में महसूस किए गए। श्राद्ध के चलते बाजारों ग्राहक बहुत कम थे। सदर व्यापारी सुनील दुआ ने बताया कि एक दम से जमीन हिली तो ऐसा लगा कि चक्कर आ रहा है। सभी व्यापारी बाहर आ गए। बेगमपुल व्यापारी पुनीत शर्मा ने बताया की पहले के महसूस होने पर काम में लगे रहे लेकिन दूसरा झटका महसूस होते ही दुकानदार और ग्राहक सभी दुकानों के बाहर सड़क पर आ गए।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि भूकंप की रफ्तार तेज थी और इसका एपिक सेंटर नेपाल से 2 किलोमीटर दूर था। भूकंप के दृष्टिकोण से सिस्मिक जोन चार व पांच में आते हैं, जो भूकंप के लिए प्रोन होते हैं। प्लेट टैकटोनिक सिद्धान्त के अनुसार पृथ्वी कई प्लेटो से बनी है ये प्लेट्स धीरे-धीरे गतिमान होते हैं, जिसके कारण भकूंप आते हैं। इससे पहले भी 21 मार्च को तेज भूकंप के झटके महसूस किया गए थे लगातार बहुत कम कहना सही नहीं माना जाता है।
भूकंप के झटके लगने पर घरों से बाहर दौड़े लोग
बागपत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इस दौरान लोग घरों से बाहर की ओर दौड़ पड़े। शहर से लेकर देहात तक भूकंप का असर देखने को मिला। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, सराय समेत सभी जगह झटके महसूस किए गए। भूकंप से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
महसूस किए गए भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग
सहारनपुर में मंगलवार की दोपहर 2.53 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसके बाद लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से बाहर निकल आए। झटके करीब दस सेकेंड तक महसूस किए गए। कई लोगों को महसूस हुआ कि उन्हें चक्कर आ रहे हैं, लेकिन जब अन्य लोगों ने बताया कि भूकंप आया है तो उन्हें पता चला। पता चलते ही तुरंत लोग घरों, दफ्तरों और प्रतिष्ठानों से बाहर निकल आए। करीब पांच मिनट तक लोग अपने घरों से बाहर रहे, जिससे यदि कोई बड़ा झटका आना हो तो कम से कम उनकी जिंदगी बच जाए। चंद मिनट बाद ही भूकंप की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
बीते कुछ महीनों और वर्षों में आया भूकंप
-सात दिसंबर 2017 को रात आठ बजे
-चार अगस्त 2021 की शाम पांच बजे
-नौ नवंबर 2022 की देर रात
-21 जनवरी 2023 की सुबह 7:45 बजे
-21 मार्च 2023 की रात 9:30 बजे
-चार सितंबर 2023 की रात